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2011 में परिजनों से बिछड़े बच्चों को आपरेशन स्माइल ने मिलाया-कोर्डिनेशन

Thu, 15 Feb 2018 09:00 PM IST
Updated Thu, 15 Feb 2018 09:00 PM IST
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2011 में परिजनों से बिछड़े बच्चों को आपरेशन स्माइल ने मिलाया-कोर्डिनेशन
रुद्रपुर के लिए...............
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परिजनों से बिछड़े बच्चों को मिलाया
2011 में परिवार से बिछड़ गए थे बच्चे, ऑपरेशन स्माइल ने मिलाया
परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने पर बालिग होने तक रहेंगे बाल किशोरी सदन
अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा। पुलिस की ऑपरेशन स्माइल टीम ने सात साल पहले परिवार से बिछड़े तीन बच्चों को मिलाकर उनके चेहरे पर मुस्कान ला दी। हालांकि बच्चों के परिजनों की आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के कारण तीनों बच्चे बालिग होने तक राजकीय बाल गृह किशोरी सदन बख में रहेंगे।

स्माइल टीम ने बताया कि गली नंबर तीन, प्रीत विहार रुद्रपुर निवासी तीन बच्चे संजीव (10), लक्ष्मी उर्फ भगवती (13) और कमलेश उर्फ कोमल (14) 2011 में परिजनों से बिछड़ गए थे। इसके बाद इन बच्चों को रामपुर पुलिस ने वहीं संरक्षण गृह में रख दिया था। बच्चों के उत्तराखंड निवासी होने की जानकारी देने के बाद तीनों बच्चों को अल्मोड़ा स्थित राजकीय बाल किशोरी सदन में लाया गया। इधर एसएसपी पी रेणुका देवी की पहल पर गुमशुदा बच्चों की तलाश एवं पुनर्वास अभियान के तहत पुलिस की स्माइल टीम ने तीनों बच्चों से जानकारी ली। इसके बाद स्माइल टीम बच्चों के बताए पते पर पहुंची तो मालूम चला कि तीनों बच्चों के पिता की 2016 में मृत्यु हो गई थी और उनकी मां घर छोड़कर चली गई थी। स्माइल टीम ने बच्चों के चाचा हर प्रसाद निवासी शिमला बहदुर, रुद्रपुर और फुफेरे भाई क्षेत्रपाल पुत्र रामवीर शर्मा निवासी नारायण कालोनी ट्रांजिट कैंप रुद्रपुर से संपर्क किया और बीते दिन परिजनों को अल्मोड़ा बुलाकर बिछुड़े बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया। इधर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने बच्चों के पारिवारिक स्थिति का परीक्षण किया तो तीनों बच्चों के चाचा और फुफेरे भाई ने आर्थिक स्थिति का हवाला देकर उनकी देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने में असमर्थता जताई। जिस पर बाल कल्याण समिति ने दोनों बच्चों के बालिग होने तक उन्हें राजकीय बाल गृह किशोरी सदन बख में ही रखने का निर्णय लिया। आपरेशन स्माइल टीम में उप निरीक्षक संतोष तिवारी, राजेंद्र गिरी, विजय गोस्वामी, देवेंद्र तोमक्याल, मंजू आर्या शामिल थी।
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फोटो- 15एएलएम10पी-
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