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शहर और गांवों में दूर नहीं हो पा रहा पेयजल संकट
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अल्मोड़ा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट दूर नहीं हो पा रहा है। वहीं नगर के मोहल्लों में पर्याप्त पानी की आपूर्ति करने में विभाग असफल साबित हो रहा है। इस कारण लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
नगर में मुख्य बाजार समेत मालरोड और आसपास के मोहल्लों में पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कई लोग प्राकृतिक जल स्रोतों नौलों से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में अधिकांश पेयजल योजनाएं ग्राम पंचायतों के अधीन हैं। देखरेख के अभाव और जल स्रोतों का स्तर गिरने से पर्याप्त पानी सप्लाई नहीं हो रहा है।
हवालबाग विकासखंड की ग्राम पंचायत बल्टा के लिए ग्राम पंचायत की योजना है, लेकिन जल स्रोत में गिरावट आने से लोगों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है। वहीं शैल, सल्ला, चितई, डीनापानी इलाकों में भी पेयजल संकट व्याप्त है। विभाग की अवर अभियंता तनुजा ने बताया कि शुक्रवार को शैल, सल्ला, बल्टा, चितई, डीनापानी में टैंकरों से पानी की आपूर्ति की गई।
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नगर में मुख्य बाजार समेत मालरोड और आसपास के मोहल्लों में पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कई लोग प्राकृतिक जल स्रोतों नौलों से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में अधिकांश पेयजल योजनाएं ग्राम पंचायतों के अधीन हैं। देखरेख के अभाव और जल स्रोतों का स्तर गिरने से पर्याप्त पानी सप्लाई नहीं हो रहा है।
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हवालबाग विकासखंड की ग्राम पंचायत बल्टा के लिए ग्राम पंचायत की योजना है, लेकिन जल स्रोत में गिरावट आने से लोगों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है। वहीं शैल, सल्ला, चितई, डीनापानी इलाकों में भी पेयजल संकट व्याप्त है। विभाग की अवर अभियंता तनुजा ने बताया कि शुक्रवार को शैल, सल्ला, बल्टा, चितई, डीनापानी में टैंकरों से पानी की आपूर्ति की गई।
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