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किसानों की आय बढ़ाने को कृषि विकास क्लस्टर बनेंगे
Updated Sat, 05 Aug 2017 11:08 PM IST
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अल्मोड़ा। डीएम ईवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए जिले में कम से कम 10 कृषि विकास आधारित क्लस्टर विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर बनाए जाने हैं। उन्होंने इसके लिए कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध, मत्स्य, सिंचाई, सहकारिता आदि विभागों को तैयारी करने के निर्देश दिए।
शनिवार को जिला कार्यालय में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के आधार पर जल संचय और जल संवर्धन मिशन के अंतर्गत पारंपरिक स्रोतों को रिचार्ज कर उनमें पूर्व वर्षों की तरह जल उपलब्धता पुन: स्थापित किया जाए। स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शहरी आबादी में शत प्रतिशत शौचालय के साथ ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जो भी योजनाएं प्रस्तावित की जानी है, उनका पालिका अधिशासी अधिकारी सर्वे कराकर प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत जिले में करीब 30 हजार बेरोजगारों, युवाओं तथा किसानों को स्वरोजगार के लिए दक्ष बनाना है। स्थानीय स्तर पर बनाए जा रहे उत्पादों के विपणन के लिए पतंजलि और अन्य कंपनियों से वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि 2022 तक शत प्रतिशत आवास विहीन परिवारों को आवास उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता में है। सीडीओ जेएस नगन्याल ने अधिकारियों को 10 अगस्त तक अपने-अपने विभागों से संबंधित कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में डीडीओ मो. असलम, मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह, पंचायती राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सविता ह्यांकी, डीईओ (बेसिक) राय साहब यादव, मुख्य उद्यान अधिकारी हित पाल सिंह, क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी वीएस रावत, सहायक निबंधक सहकारिता सीएस पांगती, जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह आदि थे।
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शनिवार को जिला कार्यालय में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के आधार पर जल संचय और जल संवर्धन मिशन के अंतर्गत पारंपरिक स्रोतों को रिचार्ज कर उनमें पूर्व वर्षों की तरह जल उपलब्धता पुन: स्थापित किया जाए। स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शहरी आबादी में शत प्रतिशत शौचालय के साथ ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जो भी योजनाएं प्रस्तावित की जानी है, उनका पालिका अधिशासी अधिकारी सर्वे कराकर प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत जिले में करीब 30 हजार बेरोजगारों, युवाओं तथा किसानों को स्वरोजगार के लिए दक्ष बनाना है। स्थानीय स्तर पर बनाए जा रहे उत्पादों के विपणन के लिए पतंजलि और अन्य कंपनियों से वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि 2022 तक शत प्रतिशत आवास विहीन परिवारों को आवास उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता में है। सीडीओ जेएस नगन्याल ने अधिकारियों को 10 अगस्त तक अपने-अपने विभागों से संबंधित कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में डीडीओ मो. असलम, मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह, पंचायती राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सविता ह्यांकी, डीईओ (बेसिक) राय साहब यादव, मुख्य उद्यान अधिकारी हित पाल सिंह, क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी वीएस रावत, सहायक निबंधक सहकारिता सीएस पांगती, जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह आदि थे।
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