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70 साल से सड़क का इंतजार कर रहे रणाऊं के ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, जैंती (अल्मोड़ा)।
Updated Mon, 02 Jan 2017 11:27 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जैंती (अल्मोड़ा)। आजादी के 70 सालों बाद भी मल्ला सालम के ग्राम पंचायत रणाऊं में सड़क नहीं पहुंच सकी है। ग्रामीण छह किमी पैदल चलकर विकासखंड मुख्यालय पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने गांव को शीघ्र सड़क से नहीं जोड़ने पर विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया है।
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लमगड़ा विकासखंड में स्थित रणाऊं गांव के लोग आजादी के बाद से सड़क का इंतजार कर रहे हैं। विकासखंड मुख्यालय पहुंचने के लिए ग्रामीणों को छह किमी पैदल चलना पड़ता है। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार गंभीर रोगियों को डोली में लाया जाता है, लेकिन सड़क में पहुंचने से पहले ही वह दम तोड़ देते हैं। रणाऊं के प्रधान सुंदर सिंह बगड़वाल ने बताया कि ग्राम पंचायत को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए गए। इसके बावजूद सड़क बनाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उन्होंने बताया कि बीते वर्ष मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी मेरा गांव-मेरी सड़क योजना के तहत शासन ने रणाऊं गांव को सड़क से जोड़ने के लिए सर्वेक्षण कार्य कराया था। सर्वेक्षण के बाद भी सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि सरकार की उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने इस बार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
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अल्मोड़ा। रणाऊं गांव में कई खेल प्रतिभाएं हैं। अविभाजित उत्तर प्रदेश की बेस्ट बॉक्सर पुरस्कार विजेता और पांच बार की विश्व बाक्सिंग चैंपियन एमसी मेरी कॉम की गुरु हेमलता बगड़वाल भी इसी गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने एमसी मेरी कॉम पर बनी फिल्म में जानी मानी अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को बॉक्सिंग सिखाई थी। वर्तमान में हेमलता बाक्सिंग की राष्ट्रीय कोच हैं। इसके अलावा भी गांव में कई खेल प्रतिभाएं हैं। सड़क समेत अन्य सुविधाएं नहीं होने के कारण प्रतिभाएं गांव से पलायन कर रही हैं।