{"_id":"5c2a598cbdec2256c106e52d","slug":"61546279308-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दर्जन गांवों में पानी के लिए भागमभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दर्जन गांवों में पानी के लिए भागमभाग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट की सबसे बड़ी गुलार-करगेत पेयजल योजना का पाइप फटने से दो दर्जन से अधिक गांवों में पेयजल आपूर्ति तीसरे दिन भी ठप रही। तीन दिनों से पानी नहीं मिलने के कारण प्रभावित गांवों में त्राहि-त्राहि मची है। परिवार और मवेशियों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीण काफी परेशान हैं।
सल्ट की सबसे बड़ी गुलार-करगेत पेयजल योजना का पाइप झिमार के पास शनिवार को फट गया था। इस कारण मौलेखाल, जालीखान, कपड़ाढैया, तहसील, शशिखाल, सकरखोला, घचकोट, पोखरी, वैला, देवायल, करगेत, मुनड़ा, जसपुर, बांगीधार, देवीथाल, रणथंमल, नौकुचिया समेत दो दर्जन से अधिक गांवों में जलापूर्ति तीसरे दिन भी ठप रही।
पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीण काफी परेशान रहे। ग्रामीण दो से तीन किमी दूर स्थित जल स्रोत और हैंडपंपों से पानी ला रहे हैं। उनका पूरा दिन पानी जुटाने में ही बर्बाद हो जा रहा है। ठंड के मौसम में पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने जलापूर्ति शीघ्र सुचारू करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सल्ट की सबसे बड़ी गुलार-करगेत पेयजल योजना का पाइप झिमार के पास शनिवार को फट गया था। इस कारण मौलेखाल, जालीखान, कपड़ाढैया, तहसील, शशिखाल, सकरखोला, घचकोट, पोखरी, वैला, देवायल, करगेत, मुनड़ा, जसपुर, बांगीधार, देवीथाल, रणथंमल, नौकुचिया समेत दो दर्जन से अधिक गांवों में जलापूर्ति तीसरे दिन भी ठप रही।
विज्ञापन
पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीण काफी परेशान रहे। ग्रामीण दो से तीन किमी दूर स्थित जल स्रोत और हैंडपंपों से पानी ला रहे हैं। उनका पूरा दिन पानी जुटाने में ही बर्बाद हो जा रहा है। ठंड के मौसम में पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने जलापूर्ति शीघ्र सुचारू करने की मांग की है।
विज्ञापन