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नगर के सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा के लिए सरकारें जिम्मेदार
Updated Sun, 10 Dec 2017 10:34 PM IST
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अल्मोड़ा। जिला व्यापार मंडल की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कालीधार और पांडेखोला में हुई वाहन दुर्घटनाओं के बाद नगर के सरकारी अस्पतालों की पोल खुल गई। वक्ताओं ने अस्पतालों में संसाधनों की कमी के लिए प्रदेश सरकार और पिछली सरकारों को बराबर जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि नगर में स्थित सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिस सड़क पर वाहन दुर्घटना हुई उसकी हालत काफी खराब है, सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं।
डामरीकरण भी गुणवत्तापरक नहीं किया गया है। सड़क किनारे मिट्टी फेंकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही सड़क की हालत सुधारने की मांग की। इस मौके पर कालीधार और पांडेखोला में हुई वाहन दुर्घटनाओं के मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई और घायलों के स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। बैठक में जिलाध्यक्ष हरेंद्र वर्मा, संजय अग्रवाल, अनूप गुप्ता, कमल गुप्ता, मनीष जोशी, दीपक साह, गिरीराज साह, कमल बिष्ट आदि थे।
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उन्होंने कहा कि नगर में स्थित सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिस सड़क पर वाहन दुर्घटना हुई उसकी हालत काफी खराब है, सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं।
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डामरीकरण भी गुणवत्तापरक नहीं किया गया है। सड़क किनारे मिट्टी फेंकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही सड़क की हालत सुधारने की मांग की। इस मौके पर कालीधार और पांडेखोला में हुई वाहन दुर्घटनाओं के मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई और घायलों के स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। बैठक में जिलाध्यक्ष हरेंद्र वर्मा, संजय अग्रवाल, अनूप गुप्ता, कमल गुप्ता, मनीष जोशी, दीपक साह, गिरीराज साह, कमल बिष्ट आदि थे।
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