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अल्मोड़ा मृग विहार को मिनी जू का रूप दिया जाएगा: पीसीसीएफ
Updated Fri, 25 May 2018 11:40 PM IST
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अल्मोड़ा। प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने शुक्रवार को मृग विहार का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मृग विहार को मिनी जू का रूप देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यहां आकर्षक जानवर रखे जाएंगे। ताकि मिनी जू पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सके। उन्होंने कहा बंदरों के बधियाकरण में आ रही दिक्कतों को देखते हुए जल्द ही अल्मोड़ा, रानीबाग, चिड़ियापुर हरिद्वार में अल्ट्रासाउंड मशीन लगा दी जाएगी। बंदरों को पकड़ने का काम भी जून अंतिम सप्ताह से शुरू कर दिया जाएगा। प्रमुख वन संरक्षक ने बंदरों के बधियाकरण में खर्च हुए 15 लाख रुपये के संबंध में डीएफओ को तीन दिन के भीतर खर्च का ब्यौरा देने के निर्देश भी दिए।
एनटीडी स्थित चिड़ियाघर के निरीक्षण को पहुंचे प्रमुख वन संरक्षक ने इस दौरान मृग विहार में रखे जानवरों के स्वास्थ्य और उनको दिए जा रहे भोजन के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने वन विभाग के आला अधिकारियों की बैठक भी ली। बैठक में पहुंचे विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने बंदरों की समस्या को लेकर वन विभाग द्वारा की जा रही तैयारी के बारे में पूछा और बड़ा बंदरबाड़ा बनाने को कहा। इस पर प्रमुख वन संरक्षक ने बताया कि दिल्ली में जैसा बंदरबाड़ा बनाया गया गया है, वैसा ही बंदरबाड़ा यहां बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए अल्मोड़ा से एक टीम भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि बंदरों को पकड़ने का काम भी जून अंतिम सप्ताह से शुरू हो जाएगा। बंदरों के बधियाकरण के लिए अल्मोड़ा के तीन डॉक्टरों को चिड़ियापुर हरिद्वार में प्रशिक्षण दिया जाएगा। वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं आईपी सिंह ने बताया कि तेंदुआ आवास में चार अतिरिक्त तेंदुओं के बाड़ा निर्माण के लिए 78 लाख रुपये के बजट की जरूरत बताई। विधानसभा उपाध्यक्ष ने जंगलों की आग को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। सड़क किनारे पिरूल को हटाने को कहा। उन्होंने मानव वन्यजीव संघर्ष में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजे का पूरा पैसा भी जल्द देने को कहा। चितई मंदिर में आए दिन जाम लगने की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित पार्किंग का मुद्दा उठाते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष ने पार्किंग बनाने के लिए पेड़ काटने की कार्रवाई के लिए कहा। इस पर जयराज ने जल्द समाधान निकालने की बात कही। बैठक में मौजूद विधानसभा उपाध्यक्ष ने बंदरों के बधियाकरण को मिले 50 लाख रुपये में से खर्च किए गए 15 लाख रुपये का ब्यौरा देने को कहा। उन्होंने कहा कि पैसा गलत खर्च हुआ है। इस पर प्रमुख वन संरक्षक ने डीएफओ को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। प्रमुख वन संरक्षक और विधानसभा उपाध्यक्ष ने परिसर में पौधा भी रोपा। बाद में प्रमुख वन संरक्षक चितई मंदिर भी गए और पूजा की। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं कपिल जोशी, डीएफओ आरसी शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने मृग विहार का निरीक्षण किया
विधानसभा उपाध्यक्ष चौहान ने पीसीसीएफ से बंदरों की समस्या सुलझाने को कहा
बंदरों के बधियाकरण के लिए अल्मोड़ा में अल्ट्रासाउंड मशीन लगेगी
बधियाकरण में 15 लाख रुपये खर्च होने पर डीएफओ से हिसाब मांगा
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एनटीडी स्थित चिड़ियाघर के निरीक्षण को पहुंचे प्रमुख वन संरक्षक ने इस दौरान मृग विहार में रखे जानवरों के स्वास्थ्य और उनको दिए जा रहे भोजन के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने वन विभाग के आला अधिकारियों की बैठक भी ली। बैठक में पहुंचे विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने बंदरों की समस्या को लेकर वन विभाग द्वारा की जा रही तैयारी के बारे में पूछा और बड़ा बंदरबाड़ा बनाने को कहा। इस पर प्रमुख वन संरक्षक ने बताया कि दिल्ली में जैसा बंदरबाड़ा बनाया गया गया है, वैसा ही बंदरबाड़ा यहां बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए अल्मोड़ा से एक टीम भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि बंदरों को पकड़ने का काम भी जून अंतिम सप्ताह से शुरू हो जाएगा। बंदरों के बधियाकरण के लिए अल्मोड़ा के तीन डॉक्टरों को चिड़ियापुर हरिद्वार में प्रशिक्षण दिया जाएगा। वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं आईपी सिंह ने बताया कि तेंदुआ आवास में चार अतिरिक्त तेंदुओं के बाड़ा निर्माण के लिए 78 लाख रुपये के बजट की जरूरत बताई। विधानसभा उपाध्यक्ष ने जंगलों की आग को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। सड़क किनारे पिरूल को हटाने को कहा। उन्होंने मानव वन्यजीव संघर्ष में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजे का पूरा पैसा भी जल्द देने को कहा। चितई मंदिर में आए दिन जाम लगने की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित पार्किंग का मुद्दा उठाते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष ने पार्किंग बनाने के लिए पेड़ काटने की कार्रवाई के लिए कहा। इस पर जयराज ने जल्द समाधान निकालने की बात कही। बैठक में मौजूद विधानसभा उपाध्यक्ष ने बंदरों के बधियाकरण को मिले 50 लाख रुपये में से खर्च किए गए 15 लाख रुपये का ब्यौरा देने को कहा। उन्होंने कहा कि पैसा गलत खर्च हुआ है। इस पर प्रमुख वन संरक्षक ने डीएफओ को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। प्रमुख वन संरक्षक और विधानसभा उपाध्यक्ष ने परिसर में पौधा भी रोपा। बाद में प्रमुख वन संरक्षक चितई मंदिर भी गए और पूजा की। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं कपिल जोशी, डीएफओ आरसी शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
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प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने मृग विहार का निरीक्षण किया
विधानसभा उपाध्यक्ष चौहान ने पीसीसीएफ से बंदरों की समस्या सुलझाने को कहा
बंदरों के बधियाकरण के लिए अल्मोड़ा में अल्ट्रासाउंड मशीन लगेगी
बधियाकरण में 15 लाख रुपये खर्च होने पर डीएफओ से हिसाब मांगा