{"_id":"5ade1a1f4f1c1b23338b4a36","slug":"51524505119-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेजपात, बड़ी इलाइची की खेती से किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेजपात, बड़ी इलाइची की खेती से किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश
Updated Mon, 23 Apr 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। भेषज विकास इकाई द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तेजपात और बड़ी इलाइची के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि काश्तकार इन पौधों का रोपण कर अधिक आय अर्जित कर सकें। चालू वित्तीय वर्ष में विभागीय योजना और मनरेगा के माध्यम से कुल 29.52 हेक्टेयर भूमि में तेजपात के 14760 और बड़ी इलाइची के 28 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा।
जिले की जलवायु तेजपात और बड़ी इलाइची के लिए उपयुक्त है। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में 701 नाली भूमि में तेजपात के 7010 पौधे रोपित किए जाएंगे। इसके लिए ताकुला, सल्ट और लमगड़ा विकासखंड के गांव चयनित किए गए हैं। जबकि भैंसियाछाना ब्लॉक और सल्ट ब्लॉक में 350 नाली भूमि में बड़ी इलाइची के 28 हजार पौधे रोपण का लक्ष्य रखा गया है। इन क्षेत्रों में कुल 312 काश्तकारों को औषधीय पौधों के उत्पादन से जोड़ा जाएगा।
मनरेगा के माध्यम से भी तेजपात के पौधों का रोपण करने की योजना है। सल्ट ब्लॉक के अजोली, काली गांव, कफस्यूली गांव में दो-दो हेक्टेयर और चौखुबाखली में 2.5 हेक्टेयर में तेजपात के पौधे रोपे जाएंगे। इन चार गांवों में कुल 85 परिवार तेजपात उत्पादन से जुड़ेंगे। भेषज विकास इकाई के जिला समन्वयक पंकज कुमार पंत ने बताया कि पौधे लगाने के लिए काश्तकारों को स्वयं गड्ढे तैयार करने होंगे, तेजपात और बड़ी इलाइची के पौधे विभाग निशुल्क उपलब्ध कराने के साथ ही तकनीकी सहायता भी देगा। काश्तकार कलस्टर बनाकर प्रधानों के माध्यम से विभाग में आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले की जलवायु तेजपात और बड़ी इलाइची के लिए उपयुक्त है। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में 701 नाली भूमि में तेजपात के 7010 पौधे रोपित किए जाएंगे। इसके लिए ताकुला, सल्ट और लमगड़ा विकासखंड के गांव चयनित किए गए हैं। जबकि भैंसियाछाना ब्लॉक और सल्ट ब्लॉक में 350 नाली भूमि में बड़ी इलाइची के 28 हजार पौधे रोपण का लक्ष्य रखा गया है। इन क्षेत्रों में कुल 312 काश्तकारों को औषधीय पौधों के उत्पादन से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
मनरेगा के माध्यम से भी तेजपात के पौधों का रोपण करने की योजना है। सल्ट ब्लॉक के अजोली, काली गांव, कफस्यूली गांव में दो-दो हेक्टेयर और चौखुबाखली में 2.5 हेक्टेयर में तेजपात के पौधे रोपे जाएंगे। इन चार गांवों में कुल 85 परिवार तेजपात उत्पादन से जुड़ेंगे। भेषज विकास इकाई के जिला समन्वयक पंकज कुमार पंत ने बताया कि पौधे लगाने के लिए काश्तकारों को स्वयं गड्ढे तैयार करने होंगे, तेजपात और बड़ी इलाइची के पौधे विभाग निशुल्क उपलब्ध कराने के साथ ही तकनीकी सहायता भी देगा। काश्तकार कलस्टर बनाकर प्रधानों के माध्यम से विभाग में आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन