{"_id":"6873fff3a8e55033570fcd24","slug":"5000-people-dont-have-doctor-almora-news-c-232-1-alm1002-130834-2025-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: पांच हजार आबादी के बीच चल रहा बिन डॉक्टर का अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: पांच हजार आबादी के बीच चल रहा बिन डॉक्टर का अस्पताल
Mon, 14 Jul 2025 12:20 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 14 Jul 2025 12:20 AM IST
विज्ञापन
स्याल्दे (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में सरकारी सुविधाएं ऊंट के मुंह में जीरे की तरह हैं। अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे विकासखंड के नैल गांव का अस्पताल इसका साक्षात प्रमाण है। यहां खोला गया अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक फार्मासिस्ट और एक एएनएम के बूते पर चल रहा है। डॉक्टर का पद स्वीकृत है लेकिन इस दूरस्थ इलाके में धरती के भगवान आने से कतराते हैं।
बिन डॉक्टर का ये अस्पताल खुद इलाज मांग रहा है। क्षेत्र के छह गांव और 20 तोक की पांच हजार से अधिक की आबादी में कोई गंभीर बीमार हो जाए तो उपचार के लिए 80 किमी दूर रामनगर या हल्द्वानी तक जाना मजबूरी है। नैल में रोजाना 30 से अधिक मरीज इलाज की उम्मीद में पहुंचती है। डॉक्टर के अभाव में उन्हें उचित परामर्श नहीं मिल पाता है। उपेक्षा के चलते स्वास्थ्य केंद्र भवन के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं।
विज्ञापन
बिन डॉक्टर का ये अस्पताल खुद इलाज मांग रहा है। क्षेत्र के छह गांव और 20 तोक की पांच हजार से अधिक की आबादी में कोई गंभीर बीमार हो जाए तो उपचार के लिए 80 किमी दूर रामनगर या हल्द्वानी तक जाना मजबूरी है। नैल में रोजाना 30 से अधिक मरीज इलाज की उम्मीद में पहुंचती है। डॉक्टर के अभाव में उन्हें उचित परामर्श नहीं मिल पाता है। उपेक्षा के चलते स्वास्थ्य केंद्र भवन के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं।
विज्ञापन