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अप्रैल अंत तक ठीक हो जाएंगी क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाएं
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अल्मोड़ा। जिले में आपदा से क्षतिग्रस्त 49 पेयजल योजनाएं अप्रैल के अंत तक दुरुस्त हो जाएंगी। जल संस्थान को आपदा मद में 61 लाख रुपये जारी हो गए हैं। इस धनराशि से विभाग ने क्षतिग्रस्त 49 योजनाओं के सुधारीकरण का काम शुरू कर दिया है।
जिले में जल संस्थान के तीन डिवीजनों में कुल 635 पेयजल योजनाएं हैं। अल्मोड़ा डिवीजन मेें 309 योजनाओं में से 37 योजनाएं आपदा से क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इनमें से 15 को विभाग ने अपने संसाधनों से ठीक किया है। वहीं 22 योजनाओं के सुधारीकरण के लिए 30.69 लाख रुपये आपदा मद से मिले हैं। रानीखेत डिवीजन की 246 योजनाओं में से 21 क्षतिग्रस्त हुई थीं। इनमें से एक योजना को विभाग पूर्व में दुरुस्त कर चुका है, जबकि 20 क्षतिग्रस्त योजनाओं के लिए 24.75 लाख रुपये मिले हैं।
सल्ट डिवीजन की 80 पेयजल योजनाओं में से छह क्षतिग्रस्त हैं। इसके लिए करीब 5.70 लाख रुपये विभाग को मिले हैं। जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता केएस खाती ने बताया कि क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं के सुधारीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। क्षतिग्रस्त योजनाओं के मरम्मत का काम अप्रैल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि गरमी के सीजन में संबंधित क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति सुचारू हो सके।
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जिले में जल संस्थान के तीन डिवीजनों में कुल 635 पेयजल योजनाएं हैं। अल्मोड़ा डिवीजन मेें 309 योजनाओं में से 37 योजनाएं आपदा से क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इनमें से 15 को विभाग ने अपने संसाधनों से ठीक किया है। वहीं 22 योजनाओं के सुधारीकरण के लिए 30.69 लाख रुपये आपदा मद से मिले हैं। रानीखेत डिवीजन की 246 योजनाओं में से 21 क्षतिग्रस्त हुई थीं। इनमें से एक योजना को विभाग पूर्व में दुरुस्त कर चुका है, जबकि 20 क्षतिग्रस्त योजनाओं के लिए 24.75 लाख रुपये मिले हैं।
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सल्ट डिवीजन की 80 पेयजल योजनाओं में से छह क्षतिग्रस्त हैं। इसके लिए करीब 5.70 लाख रुपये विभाग को मिले हैं। जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता केएस खाती ने बताया कि क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं के सुधारीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। क्षतिग्रस्त योजनाओं के मरम्मत का काम अप्रैल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि गरमी के सीजन में संबंधित क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति सुचारू हो सके।
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