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पूर्व थल सेनाध्यक्ष जोशी को पुण्य तिथि पर याद किया
Updated Sat, 18 Nov 2017 11:46 PM IST
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चीनी सेना के ट्रक
- फोटो : Getty
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड पूर्व सैनिक लीग की ओर से कचहरी बाजार स्थित लीग कार्यालय मेें पूर्व थल सेनाध्यक्ष स्व. बीसी जोशी की 23वीं पुण्य तिथि पर उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि थल सेनाध्यक्ष रहते हुए बीसी जोशी ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। खासकर कुमाऊं के युवाओं को सेना की भर्ती में लंबाई में छूट दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही।
वक्ताओं ने कहा कि 1962 में भारत-पाकिस्तान, 1965 में भारत-चीन और 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में भारतीय सेना ने पूर्व थल सेनाध्यक्ष बीसी जोशी के नेतृत्व में अदम्य प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि स्व. जोशी को उत्तराखंड से पहला थल सेनाध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त है। इससे पहले पूर्व सैनिकों ने थल सेनाध्यक्ष बीसी जोशी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर लीग के अध्यक्ष पीजी गोस्वामी, उपाध्यक्ष केशव दत्त, सचिव सुरेंद्र लाल, कोषाध्यक्ष विनोद गिरी, उप संरक्षक घनानंद जोशी, चंदन सिंह पवार, पीएस ऐरी, कैलाश तिवारी, मोहन चंद्र जोशी आदि मौजूद थे।
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वक्ताओं ने कहा कि 1962 में भारत-पाकिस्तान, 1965 में भारत-चीन और 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में भारतीय सेना ने पूर्व थल सेनाध्यक्ष बीसी जोशी के नेतृत्व में अदम्य प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि स्व. जोशी को उत्तराखंड से पहला थल सेनाध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त है। इससे पहले पूर्व सैनिकों ने थल सेनाध्यक्ष बीसी जोशी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर लीग के अध्यक्ष पीजी गोस्वामी, उपाध्यक्ष केशव दत्त, सचिव सुरेंद्र लाल, कोषाध्यक्ष विनोद गिरी, उप संरक्षक घनानंद जोशी, चंदन सिंह पवार, पीएस ऐरी, कैलाश तिवारी, मोहन चंद्र जोशी आदि मौजूद थे।
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