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पानी को तरस रहे चापड़ के 350 परिवार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Sun, 10 Jul 2016 12:19 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत ब्लाक के सुदूरवर्ती चापड़ और आसपास के क्षेत्रों में पिछले डेढ़ माह से पानी की समस्या बनी हुई है। बताया गया है कि क्षेत्र के लिए बनी बलियाली-गोलागाड़ पेयजल योजना के पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गए हैं, यह योजना विभागों को भी हस्तांतरित नहीं है, जिसके चलते ग्रामीणों के सम्मुख भारी दिक्कतें हो रही हैं। ग्रामीण गाड़-गधेरों से किसी तरह पानी की आपूर्ति कर रहे हैं।
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चापड़ क्षेत्र में 350 परिवार के लिए गोलागाड़ गधेरे से बलियाली-गोलागाड़ पेयजल योजना बनाई गई है। बनने के बाद से ही इस योजना को जल संस्थान को हस्तांतरित नहीं किया गया है। जबकि इस संबंध में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने कई बार क्षेत्र पंचायत समिति की बैठकों में मांग भी उठाई। रखरखाव नहीं होने से आए दिन योजना के पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
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सामाजिक कार्यकर्ता दीपक जोशी ने बताया कि योजना पुरानी है, इसका आज तक पुनर्गठन भी नहीं हो सका है। पाइप लाइनें भी जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं। सात साल पहले पूर्व विधायक करन माहरा ने अपनी निधि से कुछ पाइप लाइनें बदली थीं, लेकिन अब पुरानी लाइनें जवाब दे चुकी हैं। डेढ़ माह से योजना क्षतिग्रस्त पड़ी है, लेकिन देखने वाला कोई नहीं है।
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ग्रामीण गाड़, गधेरों और पारंपरिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर होकर रह गए हैं। इधर ग्रामीणों ने अब आपसी सहयोग से योजना को ठीक करने का निर्णय लिया है। इधर, जल संस्थान के जेई मनोज पांडेय ने बताया कि चापड़ गोलागाड़ पेयजल योजना ग्राम सभा की देखरेख में है। जल संस्थान की नौला, बलियाली पेयजल योजना दुरुस्त कर दी गई है।