{"_id":"5bf986dcbdec2241d2001526","slug":"21543079644-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य के 65 इंटर कालेजों में बनेंगे स्मार्ट ईको क्लब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य के 65 इंटर कालेजों में बनेंगे स्मार्ट ईको क्लब
Updated Sat, 24 Nov 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। यूसर्क (उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र) के माध्यम से उत्तराखंड के हर जिले में स्थित राजकीय इंटर कालेजों में पांच-पांच स्मार्ट इको क्लब स्थापित किए जा रहे हैं। इन क्लबों के जरिये बच्चों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ ही आसपास के ग्रामीणों को विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। खास तौर पर जल स्रोतों के संरक्षण सहित गांव के लोगों के पास विभिन्न तरह के पारंपरिक ज्ञान को संग्रहित करने का काम भी किया जाएगा।
बता दें कि पूर्व में राज्य के इंटर कालेजों में ईको क्लब बनाए गए थे। इनके जरिये बच्चों के बीच पर्यावरण सहित अन्य विषयों से जुड़ीं गतिविधियां संचालित होती थीं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से ईको क्लबों को संचालित करने के लिए राज्य सरकार से पैसा नहीं मिल रहा है। जिससे यह क्लब ठप पड़े हैं।
अब यूसर्क ने राज्य के हर जिले में स्थित पांच-पांच इंटर कालेजों में स्मार्ट ईको क्लब गठित करने का फैसला लिया है। राज्य में कुल 65 स्मार्ट ईको क्लब गठित होंगे। यूसर्क के राज्य निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि उनके केंद्र द्वारा इन स्मार्ट क्लबों को आर्थिक और तकनीकी सहायता दी जाएगी।
विज्ञापन
इन स्मार्ट क्लबों के जरिये बच्चे आसपास के जल स्रोतों को संरक्षित करने के साथ ही उनकी स्थिति पर भी नजर रखने का प्रयास करेंगे। गांव के पुराने लोगों के पास कई तरह का पारंपरिक ज्ञान भी होता है। क्लबों से जुड़े छात्र-छात्राओं द्वारा इस ज्ञान को भी संग्रहित करने का कार्य किया जाएगा।
इसके अलावा बच्चे अपने आसपास स्थित जल स्रोतों, नदियों के उद्गम स्थल, नौले आदि का सर्वेक्षण करके उनमें पानी की स्थिति आदि के बारे में जानकारियां एकत्र करके राज्य स्तर पर बने केंद्र तक पहुंचाएंगे। अच्छा कार्य करने वाले स्मार्ट ईको क्लबों को पुरस्कार भी दिया जाएगा। प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि इन स्मार्ट क्लबों में अच्छे स्तर का काम किया जाएगा ताकि यह अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बन सकें।
विज्ञापन
बता दें कि पूर्व में राज्य के इंटर कालेजों में ईको क्लब बनाए गए थे। इनके जरिये बच्चों के बीच पर्यावरण सहित अन्य विषयों से जुड़ीं गतिविधियां संचालित होती थीं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से ईको क्लबों को संचालित करने के लिए राज्य सरकार से पैसा नहीं मिल रहा है। जिससे यह क्लब ठप पड़े हैं।
विज्ञापन
अब यूसर्क ने राज्य के हर जिले में स्थित पांच-पांच इंटर कालेजों में स्मार्ट ईको क्लब गठित करने का फैसला लिया है। राज्य में कुल 65 स्मार्ट ईको क्लब गठित होंगे। यूसर्क के राज्य निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि उनके केंद्र द्वारा इन स्मार्ट क्लबों को आर्थिक और तकनीकी सहायता दी जाएगी।
विज्ञापन
इन स्मार्ट क्लबों के जरिये बच्चे आसपास के जल स्रोतों को संरक्षित करने के साथ ही उनकी स्थिति पर भी नजर रखने का प्रयास करेंगे। गांव के पुराने लोगों के पास कई तरह का पारंपरिक ज्ञान भी होता है। क्लबों से जुड़े छात्र-छात्राओं द्वारा इस ज्ञान को भी संग्रहित करने का कार्य किया जाएगा।
इसके अलावा बच्चे अपने आसपास स्थित जल स्रोतों, नदियों के उद्गम स्थल, नौले आदि का सर्वेक्षण करके उनमें पानी की स्थिति आदि के बारे में जानकारियां एकत्र करके राज्य स्तर पर बने केंद्र तक पहुंचाएंगे। अच्छा कार्य करने वाले स्मार्ट ईको क्लबों को पुरस्कार भी दिया जाएगा। प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि इन स्मार्ट क्लबों में अच्छे स्तर का काम किया जाएगा ताकि यह अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बन सकें।