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गगास और रामगंगा नदियों के पुनर्जनन के लिए भी चलेगा अभियान
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अल्मोड़ा। कोसी पुनर्जनन अभियान की तर्ज पर जल्द ही जिले की गगास और रामगंगा नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना बनाने का काम शुरू हो चुका है।
कोसी पुनर्जनन अभियान समिति से जुड़े अधिकारियों और अन्य सदस्यों की कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने यह जानकारी दी। उन्होंने दोनो नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रस्तावित कार्यों की भी समीक्षा की।
बता दें कि कोसी को पुनर्जीवित करने के लिए काफी समय से अभियान चल रहा है। गगास और रामगंगा नदियों की हालत भी ठीक नहीं है। इसको देखते हुए अब इन दोनों नदियों के जल संग्रहण क्षेत्र में भी पुनर्जनन के कार्य शुरू किए जाएंगे।
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डीएम ने रामगंगा, गगास नदियों के पुनर्जनन अभियान के लिए सूक्ष्म कार्य योजना तैयार करने तथा संबंधित क्षेत्रों में पौधरोपण, चाल खाल, खंती, चैकडैम आदि बनाने के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में कोसी रिचार्ज जोन में शीतकालीन पौधरोपण कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा की गई। डीएम ने बताया कि पौधरोपण मार्च माह के तीसरे सप्ताह से शुरू किया जाएगा।
डीएम ने कहा कि कोसी पुनर्जनन अभियान के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता के लिए आवेदन मांग लें। ताकि कार्मिकों की कमी को पूर्ण किया जा सके। बैठक में एनआरडीएमएस निदेशक प्रो. जेएस रावत, जीबी पंत संस्थान के इंजीनियर किरीट कुमार, परियोजना निदेशक नरेश कुमार, आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी आदि मौजूद थे।
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कोसी पुनर्जनन अभियान समिति से जुड़े अधिकारियों और अन्य सदस्यों की कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने यह जानकारी दी। उन्होंने दोनो नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रस्तावित कार्यों की भी समीक्षा की।
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बता दें कि कोसी को पुनर्जीवित करने के लिए काफी समय से अभियान चल रहा है। गगास और रामगंगा नदियों की हालत भी ठीक नहीं है। इसको देखते हुए अब इन दोनों नदियों के जल संग्रहण क्षेत्र में भी पुनर्जनन के कार्य शुरू किए जाएंगे।
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डीएम ने रामगंगा, गगास नदियों के पुनर्जनन अभियान के लिए सूक्ष्म कार्य योजना तैयार करने तथा संबंधित क्षेत्रों में पौधरोपण, चाल खाल, खंती, चैकडैम आदि बनाने के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में कोसी रिचार्ज जोन में शीतकालीन पौधरोपण कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा की गई। डीएम ने बताया कि पौधरोपण मार्च माह के तीसरे सप्ताह से शुरू किया जाएगा।
डीएम ने कहा कि कोसी पुनर्जनन अभियान के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता के लिए आवेदन मांग लें। ताकि कार्मिकों की कमी को पूर्ण किया जा सके। बैठक में एनआरडीएमएस निदेशक प्रो. जेएस रावत, जीबी पंत संस्थान के इंजीनियर किरीट कुमार, परियोजना निदेशक नरेश कुमार, आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी आदि मौजूद थे।