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एएनएम और आशा की जिम्मेदारी तय करें
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:01 PM IST
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अल्मोड़ा। जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मातृ-शिशु मृत्यु दर को लेकर एएनएम और आशाओं की जिम्मेदारी तय की जाए। वह सभी अभिलेख रखें, सही अभिलेख नहीं मिलने पर संबंधित क्षेत्र की एएनएम और आशा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले के धौलादेवी ब्लॉक में कुमाऊं मंडल के पहले कुमाऊं मदर यूनिट (केएमयू) की स्वीकृति मिली है।
उन्होंने शिशु मृत्यु दर पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एएनएम और आशा द्वारा कोई भी अभिलेख और जानकारी नहीं रखी जा रही है, जो घोर लापरवाही है। डीनापानी के रहने वाले अति कुपोषित बच्चे सूरज बिष्ट को दिल के रोग की परेशानी थी। उसकी जानकारी संबंधित क्षेत्र की एएनएम और आशा के पास नहीं होने पर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी महिलाओं को प्रसव अस्पताल में कराने के लिए प्रेरित करें।
चाइल्ड हेल्थ रिपोर्ट की भी जांच अनिवार्य रूप से की जाए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत टीम विद्यालयों में जाकर बच्चों का परीक्षण करें। महिला अस्पताल में अब तक प्राइवेट वार्ड नहीं बनाए जाने पर नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और जिला होम्योपैथिक अधिकारी समन्वय बनाकर दो दिन में स्पष्टीकरण दें और शीघ्र ही वहां प्राइवेट वार्ड बनाया जाए।
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डीएम ने कहा कि अस्पतालों में खराब उपकरणों की सूची तैयार करें, ताकि उन्हें दुरुस्त करने को केंद्र और राज्य सरकार से धन की मांग की जा सके। बैठक में सीडीओ मयूर दीक्षित, सीएमओ डा. निश पांडे, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एके सिंह, डा. योगेश पुरोहित, मुख्य कोषाधिकारी गुलफाम अहमद, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश फुलारा, दीपक भट्ट आदि मौजूद थे।
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उन्होंने शिशु मृत्यु दर पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एएनएम और आशा द्वारा कोई भी अभिलेख और जानकारी नहीं रखी जा रही है, जो घोर लापरवाही है। डीनापानी के रहने वाले अति कुपोषित बच्चे सूरज बिष्ट को दिल के रोग की परेशानी थी। उसकी जानकारी संबंधित क्षेत्र की एएनएम और आशा के पास नहीं होने पर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी महिलाओं को प्रसव अस्पताल में कराने के लिए प्रेरित करें।
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चाइल्ड हेल्थ रिपोर्ट की भी जांच अनिवार्य रूप से की जाए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत टीम विद्यालयों में जाकर बच्चों का परीक्षण करें। महिला अस्पताल में अब तक प्राइवेट वार्ड नहीं बनाए जाने पर नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और जिला होम्योपैथिक अधिकारी समन्वय बनाकर दो दिन में स्पष्टीकरण दें और शीघ्र ही वहां प्राइवेट वार्ड बनाया जाए।
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डीएम ने कहा कि अस्पतालों में खराब उपकरणों की सूची तैयार करें, ताकि उन्हें दुरुस्त करने को केंद्र और राज्य सरकार से धन की मांग की जा सके। बैठक में सीडीओ मयूर दीक्षित, सीएमओ डा. निश पांडे, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एके सिंह, डा. योगेश पुरोहित, मुख्य कोषाधिकारी गुलफाम अहमद, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश फुलारा, दीपक भट्ट आदि मौजूद थे।