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जल मूल्य में हर साल 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर नाराजगी
Updated Mon, 19 Jun 2017 04:03 PM IST
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जल मूल्य में हर साल 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर नाराजगी
अल्मोड़ा। अखिल भारतीय उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याणकारी संस्था की बैठक में वक्ताओं ने जल मूल्य में हर साल 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नगर में पानी की अनियमित आपूर्ति होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने आरक्षण जाति के बजाए आर्थिक आधार पर देने की मांग की। उन्होंने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलने से समाज के सभी वर्गों के लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर नाराजगी जताई। अस्पतालों में डाक्टरों के पद खाली हैं तो स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान चलने के बाद भी नगर में कई स्थानों पर कूड़ा बिखरा रहता है। इससे नगर की छवि खराब होती है तथा पर्यटकों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। बैठक में हर सिंह सिराड़ी, चंदन पवार, आनंद सतवाल, जमन सिंह देवड़ी, हर सिंह बिष्ट, किशन सिंह महरा, जीत सिंह बोरा, पूरन कार्की, महेंद्र सिंह, हरीश देवड़ी, रतन सिंह, पुष्कर सिंह, डा. एसएस पथनी, पूरन सिंह ऐरी आदि मौजूद थे।
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अल्मोड़ा। अखिल भारतीय उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याणकारी संस्था की बैठक में वक्ताओं ने जल मूल्य में हर साल 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नगर में पानी की अनियमित आपूर्ति होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने आरक्षण जाति के बजाए आर्थिक आधार पर देने की मांग की। उन्होंने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलने से समाज के सभी वर्गों के लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर नाराजगी जताई। अस्पतालों में डाक्टरों के पद खाली हैं तो स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान चलने के बाद भी नगर में कई स्थानों पर कूड़ा बिखरा रहता है। इससे नगर की छवि खराब होती है तथा पर्यटकों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। बैठक में हर सिंह सिराड़ी, चंदन पवार, आनंद सतवाल, जमन सिंह देवड़ी, हर सिंह बिष्ट, किशन सिंह महरा, जीत सिंह बोरा, पूरन कार्की, महेंद्र सिंह, हरीश देवड़ी, रतन सिंह, पुष्कर सिंह, डा. एसएस पथनी, पूरन सिंह ऐरी आदि मौजूद थे।
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