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बिजली बचाने की उरेडा की नायाब पहल
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:19 PM IST
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अल्मोड़ा। सरकारी कार्यालयों में अधिकतर अधिकारी, कर्मचारी मीटिंग आदि के बाद कक्ष छोड़कर चले जाते हैं। इस दौरान कार्यालयों में बिजली अनावश्यक रूप से जलती रहती है। इस समस्या से निजात पाने और बिजली की बचत करने के उद्देश्य से उरेडा विभाग ने विकास भवन समेत कलक्ट्रेट परिसर में ओकोपेसी सेंसर लगाने शुरू कर दिए हैं। यह सेंसर कार्यालयों में किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य के नहीं होने पर स्वत: मोड में कार्य करते हुए बिजली के सभी यंत्रों को बंद कर देगा।
प्रदेश सरकार ने सरकारी कार्यालयों, संस्थानों में बिजली की खपत कम करने के लिए एलईडी बल्ब लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। उसी के स्वरूप उरेडा ने एक कदम और बढ़ाते हुए कार्यालयों में अनावश्यक रूप से जलने वाली बिजली को बंद करने लिए ओकोपेसी सेंसर तकनीक अपनाई है। यह सेंसर टाइमिंग के आधार पर चलता है। जिसमें समय फिट करने के बाद उसी के अनुसार कार्य करता है। पांच मिनट का समय फिट किया गया है तो पांच मिनट बाद कक्ष में चल रहे पंखे, बिजली बल्ब आदि खुद ही बंद हो जाएंगे। इस एक सेंसर की कीमत करीब पचपन सौ रुपये है। शुरुआत में विकास भवन में करीब 132 सेंसर लगाए गए थे। उसके बाद अब कलक्ट्रेट में भी सेंसर लगाए गए हैं। परियोजना अधिकारी उरेडा गिरीश चंद्र महरोत्रा ने बताया कि विकास भवन के बाद कलक्ट्रेट में विभिन्न कक्षों में 68 सेंसर उरेडा ने निशुल्क रूप से लगाए हैं। मूवमेंट नहीं होने पर सेंसर पावर प्वांइट के अलावा खुद ही बिजली के जले हुए बल्बों, पंखे आदि को बंद कर देगा। इससे बिजली की काफी बचत होगी।
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प्रदेश सरकार ने सरकारी कार्यालयों, संस्थानों में बिजली की खपत कम करने के लिए एलईडी बल्ब लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। उसी के स्वरूप उरेडा ने एक कदम और बढ़ाते हुए कार्यालयों में अनावश्यक रूप से जलने वाली बिजली को बंद करने लिए ओकोपेसी सेंसर तकनीक अपनाई है। यह सेंसर टाइमिंग के आधार पर चलता है। जिसमें समय फिट करने के बाद उसी के अनुसार कार्य करता है। पांच मिनट का समय फिट किया गया है तो पांच मिनट बाद कक्ष में चल रहे पंखे, बिजली बल्ब आदि खुद ही बंद हो जाएंगे। इस एक सेंसर की कीमत करीब पचपन सौ रुपये है। शुरुआत में विकास भवन में करीब 132 सेंसर लगाए गए थे। उसके बाद अब कलक्ट्रेट में भी सेंसर लगाए गए हैं। परियोजना अधिकारी उरेडा गिरीश चंद्र महरोत्रा ने बताया कि विकास भवन के बाद कलक्ट्रेट में विभिन्न कक्षों में 68 सेंसर उरेडा ने निशुल्क रूप से लगाए हैं। मूवमेंट नहीं होने पर सेंसर पावर प्वांइट के अलावा खुद ही बिजली के जले हुए बल्बों, पंखे आदि को बंद कर देगा। इससे बिजली की काफी बचत होगी।
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