{"_id":"5c48a240bdec2273903311eb","slug":"131548264000-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात माह बाद भी सार्वजनिक नहीं हो सकी किडनी प्रकरण की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात माह बाद भी सार्वजनिक नहीं हो सकी किडनी प्रकरण की जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत के किडनी प्रकरण की जांच का खुलासा सात माह बाद भी नहीं हो सका है। जुलाई माह में यहां एक अस्पताल पर अपेंडिक्स के उपचार को आई सुदूरवर्ती कुंवाली क्षेत्र की महिला की किडनी निकालने के आरोप लगे थे।
बीते वर्ष यहां नैड़ी कुंवाली निवासी खष्टी देवी पत्नी खीम सिंह नगर के एक अस्पताल में उपचार के लिए आई थी। डॉक्टरों ने पेट में अपेंडिक्स बताया और आपरेशन की सलाह दी। आपरेशन के बाद महिला घर चली गई। लेकिन पेट दर्द ठीक नहीं हुआ। बाद में खष्टी देवी ने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उपचार कराया। अल्ट्रासाउंड में डॉक्टरों ने बताया कि उसकी एक किडनी नहीं है।
इसके बाद अस्पताल पर किडनी चोरी का आरोप लगा और अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया कि महिला की दाईं किडनी में ट्यूमर था, जिसे उसके परिवार की सहमति से निकाला गया। मामला उछला, पुलिस, राजस्व पुलिस, स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद आयुक्त स्तर तक जांच हुई लेकिन सात माह बीत जाने के बाद भी खुलासा नहीं हुआ है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब जांच हो गई है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
पूर्व बीडीसी सदस्य राजेंद्र बिष्ट ने बताया कि इस संबंध में कुमाऊं मंडल आयुक्त राजीव रौतेला से वार्ता हुई। उन्होंने बताया कि डीजी हेल्थ को रिपोर्ट सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजी हैल्थ आज कल में रिपोर्ट सार्वजनिक बात कह रहे हैं। सीएमओ डा. विनीता शाह का कहना है कि किडनी प्रकरण की जांच पूरी कर मंडल आयुक्त को सौंप दी गई है।
विज्ञापन
बीते वर्ष यहां नैड़ी कुंवाली निवासी खष्टी देवी पत्नी खीम सिंह नगर के एक अस्पताल में उपचार के लिए आई थी। डॉक्टरों ने पेट में अपेंडिक्स बताया और आपरेशन की सलाह दी। आपरेशन के बाद महिला घर चली गई। लेकिन पेट दर्द ठीक नहीं हुआ। बाद में खष्टी देवी ने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उपचार कराया। अल्ट्रासाउंड में डॉक्टरों ने बताया कि उसकी एक किडनी नहीं है।
विज्ञापन
इसके बाद अस्पताल पर किडनी चोरी का आरोप लगा और अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया कि महिला की दाईं किडनी में ट्यूमर था, जिसे उसके परिवार की सहमति से निकाला गया। मामला उछला, पुलिस, राजस्व पुलिस, स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद आयुक्त स्तर तक जांच हुई लेकिन सात माह बीत जाने के बाद भी खुलासा नहीं हुआ है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब जांच हो गई है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
पूर्व बीडीसी सदस्य राजेंद्र बिष्ट ने बताया कि इस संबंध में कुमाऊं मंडल आयुक्त राजीव रौतेला से वार्ता हुई। उन्होंने बताया कि डीजी हेल्थ को रिपोर्ट सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजी हैल्थ आज कल में रिपोर्ट सार्वजनिक बात कह रहे हैं। सीएमओ डा. विनीता शाह का कहना है कि किडनी प्रकरण की जांच पूरी कर मंडल आयुक्त को सौंप दी गई है।