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प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में एक लाख श्रद्धालुओं ने टेका शिव दरबार में मत्था
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:36 PM IST
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अल्मोड़ा। जागेश्वर धाम में श्रावणी महीने में लगे मेले में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले तीन सालों की अपेक्षा ज्यादा रही। 16 जुलाई से 16 अगस्त तक एक माह तक चले श्रावणी मेले में एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और पूजा पाठ कराया। मेला अवधि में करीब 22,87978 रुपये चढ़ावा भी आया।
जागेश्वर धाम में 2016 में लगभग 42 हजार और 2017 में करीब 36 हजार श्रद्धालु ही पहुंचे थे, लेकिन बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या इस बार ज्यादा रही। मालूम हो कि सावन के महीने में जागेश्वर में पूजा की धार्मिक मान्यता काफी ज्यादा है। जुलाई से अगस्त तक एक माह तक चले मेले में स्थानीय और उत्तराखंड के अलावा बाहरी प्रदेशों से भी काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे थे। खासकर महामृत्युंजय जाप, रूद्री पाठ का काफी महत्व है। मेला क्षेत्र में इस बार दर्जनों अस्थायी फड़ लगाए गए थे। जिनसे मंदिर समिति को 1,98000 रुपये प्राप्त हुए।
प्रबंधक भगवान भट्ट ने बताया कि श्रावणी मेले में इस बार व्यवस्थाएं काफी अच्छी रहीं जिसके कारण श्रद्धालुओं की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ। एक लाख श्रद्धालुओं ने धाम के दर्शन किए । मेला अवधि में ज्योतिर्लिंग, हनुमान मंदिर, गणेश मंदिर, मृत्युंजय मंदिर, केदार और पुष्टि माता मंदिर में रखे दानपात्रों से 76, 3437 धनराशि प्राप्त हुई। इस अवधि में मंदिर समिति ने 8,21439 धनराशि पुजारियों को अंशदान के रूप में भी दी।
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जागेश्वर धाम में 2016 में लगभग 42 हजार और 2017 में करीब 36 हजार श्रद्धालु ही पहुंचे थे, लेकिन बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या इस बार ज्यादा रही। मालूम हो कि सावन के महीने में जागेश्वर में पूजा की धार्मिक मान्यता काफी ज्यादा है। जुलाई से अगस्त तक एक माह तक चले मेले में स्थानीय और उत्तराखंड के अलावा बाहरी प्रदेशों से भी काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे थे। खासकर महामृत्युंजय जाप, रूद्री पाठ का काफी महत्व है। मेला क्षेत्र में इस बार दर्जनों अस्थायी फड़ लगाए गए थे। जिनसे मंदिर समिति को 1,98000 रुपये प्राप्त हुए।
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प्रबंधक भगवान भट्ट ने बताया कि श्रावणी मेले में इस बार व्यवस्थाएं काफी अच्छी रहीं जिसके कारण श्रद्धालुओं की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ। एक लाख श्रद्धालुओं ने धाम के दर्शन किए । मेला अवधि में ज्योतिर्लिंग, हनुमान मंदिर, गणेश मंदिर, मृत्युंजय मंदिर, केदार और पुष्टि माता मंदिर में रखे दानपात्रों से 76, 3437 धनराशि प्राप्त हुई। इस अवधि में मंदिर समिति ने 8,21439 धनराशि पुजारियों को अंशदान के रूप में भी दी।
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