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आरएसएस घृणा फैलाकर कर रहा हिंदू समाज का ध्रुवीकरण
Updated Fri, 08 Jun 2018 11:32 PM IST
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अल्मोड़ा। बंधुवा मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और आर्य समाजी स्वामी अग्निवेश ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कहीं भी जाना बुरा नहीं है। बातचीत होती रहनी चाहिए, लेकिन वह आरएसएस मुख्यालय में हिंदू राष्ट्र की अवधारणा गलत है कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। स्वामी अग्निवेश यहां पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
श्री अग्निवेश ने कहा कि श्री मुखर्जी को आरएसएस की हिंदू राष्ट्र बनाने की रणनीति करा विरोध करना चाहिए था। आरएसएस देश में घृणा फैलाकर हिंदू समाज का ध्रुवीकरण करने का प्रयास कर रहा है। आरएसएस को वर्तमान समय में श्री मुखर्जी के भाषण से जो प्रचार मिला वह कभी नहीं मिला। हालांकि श्री मुखर्जी ने आरएसएस का नाम नहीं लिया। गांधी, नेहरु, पटेल का अपने भाषणों में नाम लिया। पूर्व राष्ट्रपति का भाषण अपने आप में सार्थक नहीं रहा है।
आर्य समाजी नेता ने कहा कि मोदी सरकार आरएसएस मुख्यालय से चल रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के जनांदोलन में वह भागीदारी करते रहे हैं, लेकिन अलग राज्य बनने के बाद भी स्थिति नहीं बदली है। दूरस्थ क्षेत्रों में अठारह साल बाद भी विकास की किरण नहीं पहुंची है। उत्तराखंड सरकार भूमाफिया, शराब माफिया पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। उत्तराखंड में पलायन का संकट है। मेडिकल और शिक्षा का अभाव है। जिसकी आशा नहीं की जा सकती है। पंचेश्वर बांध के निर्माण पर उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों से बात होनी चाहिए। नक्सलबाद की समस्या पर उन्होंने कहा कि सरकार गंभीर प्रयास करने में अब तक विफल ही साबित हुई है। इस मौके पर उत्तराखंड लोक वाहिनी के नेता डा. शमशेर सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
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श्री अग्निवेश ने कहा कि श्री मुखर्जी को आरएसएस की हिंदू राष्ट्र बनाने की रणनीति करा विरोध करना चाहिए था। आरएसएस देश में घृणा फैलाकर हिंदू समाज का ध्रुवीकरण करने का प्रयास कर रहा है। आरएसएस को वर्तमान समय में श्री मुखर्जी के भाषण से जो प्रचार मिला वह कभी नहीं मिला। हालांकि श्री मुखर्जी ने आरएसएस का नाम नहीं लिया। गांधी, नेहरु, पटेल का अपने भाषणों में नाम लिया। पूर्व राष्ट्रपति का भाषण अपने आप में सार्थक नहीं रहा है।
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आर्य समाजी नेता ने कहा कि मोदी सरकार आरएसएस मुख्यालय से चल रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के जनांदोलन में वह भागीदारी करते रहे हैं, लेकिन अलग राज्य बनने के बाद भी स्थिति नहीं बदली है। दूरस्थ क्षेत्रों में अठारह साल बाद भी विकास की किरण नहीं पहुंची है। उत्तराखंड सरकार भूमाफिया, शराब माफिया पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। उत्तराखंड में पलायन का संकट है। मेडिकल और शिक्षा का अभाव है। जिसकी आशा नहीं की जा सकती है। पंचेश्वर बांध के निर्माण पर उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों से बात होनी चाहिए। नक्सलबाद की समस्या पर उन्होंने कहा कि सरकार गंभीर प्रयास करने में अब तक विफल ही साबित हुई है। इस मौके पर उत्तराखंड लोक वाहिनी के नेता डा. शमशेर सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
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