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सूक्ष्म सिंचाई तकनीक अपनाएं काश्तकार
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अल्मोड़ा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए काश्तकारों को जिला पंचायत सभागार में प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने काश्तकारों से कहा कि फसलों की सिंचाई के लिए सूक्ष्म सिंचाई तकनीक अपनाएं। इससे पानी सीधे जहां पौधों और पेड़ों की जड़ों तक पहुंचता है वहीं पानी की भी बचत होती है।
उद्यान निदेशालय चौबटिया के उप निदेशक उमा शंकर सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा फव्वारा और ड्रिप सिंचाई तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। विभिन्न सूक्ष्म सिंचाई तकनीक बागवानी और कृषि के लिए उपयुक्त है।
अपर उद्यान अधिकारी राजकीय उद्यान सर्किट हाउस देहरादून अरुण पांडे ने ड्रिप, फव्वारा , सूक्ष्म, मिनी, पोर्टेबल स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के बारे में बताया। जीबी पंत विवि पंतनगर के पीएफडीसी के प्रमुख अन्वेषक डॉ. पीके सिंह ने कहा कि किसान आधुनिक तकनीकों से खेतों की सिंचाई करें।
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इस तकनीक से पानी की भी बचत होती है। मुख्य उद्यान अधिकारी टीएन पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत काश्तकारों को अनुदान भी दिया जा रहा है। इस मौक पर विशेषज्ञों ने काश्तकारों की शंका का भी समाधान किया। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए काश्तकारों के भाग लिया।
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उद्यान निदेशालय चौबटिया के उप निदेशक उमा शंकर सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा फव्वारा और ड्रिप सिंचाई तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। विभिन्न सूक्ष्म सिंचाई तकनीक बागवानी और कृषि के लिए उपयुक्त है।
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अपर उद्यान अधिकारी राजकीय उद्यान सर्किट हाउस देहरादून अरुण पांडे ने ड्रिप, फव्वारा , सूक्ष्म, मिनी, पोर्टेबल स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के बारे में बताया। जीबी पंत विवि पंतनगर के पीएफडीसी के प्रमुख अन्वेषक डॉ. पीके सिंह ने कहा कि किसान आधुनिक तकनीकों से खेतों की सिंचाई करें।
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इस तकनीक से पानी की भी बचत होती है। मुख्य उद्यान अधिकारी टीएन पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत काश्तकारों को अनुदान भी दिया जा रहा है। इस मौक पर विशेषज्ञों ने काश्तकारों की शंका का भी समाधान किया। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए काश्तकारों के भाग लिया।