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पायलट प्रोजेक्ट में जिले की ग्यारह ग्राम पंचायतें चयनित
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लमकोट गांव में मृदा एवं रसायन विशेषज्ञ संजय ए. ढाले के साथ कृषक।
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। कृषि विभाग ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में पायलट प्रोजेक्ट के तहत भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए जिले के ग्यारह ब्लाकों में एक-एक ग्राम पंचायत का चयन किया है। इन गांवों में किसान मेले आयोजित कर ग्रामीणों की भूमि का मृदा परीक्षण कराने के साथ ही अनुदान पर उर्वरक उपलब्ध कराए जाएंगे। ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ सके और काश्तकार फसल उत्पादन में बढ़ोतरी कर अच्छी आय अर्जित कर सकें।
पर्वतीय क्षेत्र में भूमि की उर्वरा शक्ति कम होते जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत गेहना (सल्ट), लछिना (ताड़ीखेत), छानी (भैंसियाछाना), आटी (धौलादेवी), तिवारी गांव (द्वाराहाट), पीपलधार (चौखुटिया), धौरा (ताकुला), तिलौरा (हवालबाग), सनड़ा (भिकियासैंण), लमकोट (लमगड़ा), कटसारी (स्याल्दे) गांवों का चयन किया है।
कोट
11 गांवों को पायलट प्रोजेक्ट में चयनित किया गया है। काश्तकारों की भूमि का परीक्षण कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए जा रहे हैं। विभिन्न प्रदर्शनों के माध्यम से काश्तकारों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही 90 फीसदी अनुदान पर काश्तकारों को उर्वरक भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि काश्तकारों के खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ सके और उत्पादन में बढ़ोतरी हो।
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-प्रियंका सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी, अल्मोड़ा
मिट्टी की जांच कराकर अधिक पैदावार प्राप्त करें किसान
अल्मोड़ा। कृषि मंत्रालय की टीम ने हवालबाग ब्लॉक के ग्राम पंचायत तिलौरा, ताकुला की धौलरा और लमगड़ा के लमकोट गांव का भ्रमण कर किसानों से संपर्क किया और मृदा परीक्षण की जानकारी दी। मृदा एवं रसायन विशेषज्ञ संजय ए. ढाले ने कहा कि कृषि से अधिक पैदावार और आर्थिक लाभ के लिए मिट्टी की जांच जरूरी है। इस दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी वितरित किए गए। बाद में उन्होंने कोसी स्थित मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। वहां पर सहायक कृषि अधिकारी गंगा सिंह बिष्ट, अरविंद कुमार गुप्ता, हरीश भयेड़ा, विशन सिंह दोसाद, बहादुर सिंह बिष्ट भी थे। ब्यूरो
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पर्वतीय क्षेत्र में भूमि की उर्वरा शक्ति कम होते जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत गेहना (सल्ट), लछिना (ताड़ीखेत), छानी (भैंसियाछाना), आटी (धौलादेवी), तिवारी गांव (द्वाराहाट), पीपलधार (चौखुटिया), धौरा (ताकुला), तिलौरा (हवालबाग), सनड़ा (भिकियासैंण), लमकोट (लमगड़ा), कटसारी (स्याल्दे) गांवों का चयन किया है।
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11 गांवों को पायलट प्रोजेक्ट में चयनित किया गया है। काश्तकारों की भूमि का परीक्षण कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए जा रहे हैं। विभिन्न प्रदर्शनों के माध्यम से काश्तकारों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही 90 फीसदी अनुदान पर काश्तकारों को उर्वरक भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि काश्तकारों के खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ सके और उत्पादन में बढ़ोतरी हो।
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-प्रियंका सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी, अल्मोड़ा
मिट्टी की जांच कराकर अधिक पैदावार प्राप्त करें किसान
अल्मोड़ा। कृषि मंत्रालय की टीम ने हवालबाग ब्लॉक के ग्राम पंचायत तिलौरा, ताकुला की धौलरा और लमगड़ा के लमकोट गांव का भ्रमण कर किसानों से संपर्क किया और मृदा परीक्षण की जानकारी दी। मृदा एवं रसायन विशेषज्ञ संजय ए. ढाले ने कहा कि कृषि से अधिक पैदावार और आर्थिक लाभ के लिए मिट्टी की जांच जरूरी है। इस दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी वितरित किए गए। बाद में उन्होंने कोसी स्थित मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। वहां पर सहायक कृषि अधिकारी गंगा सिंह बिष्ट, अरविंद कुमार गुप्ता, हरीश भयेड़ा, विशन सिंह दोसाद, बहादुर सिंह बिष्ट भी थे। ब्यूरो