फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   108 ambulance service started due to dislikes

अव्यवस्थाओं के चलते हांफने लगी 108 एंबुलेंस सेवा

Wed, 28 Jun 2017 12:02 AM IST
रमेश त्रिपाठी द्वाराहाट (अल्मोड़ा)।
रमेश त्रिपाठी द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। Updated Wed, 28 Jun 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
108 ambulance service started due to dislikes
108 एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला

पहाड़ की लाइफ लाइन 108 एंबुलेंस की सेवाएं पटरी से उतरने लगी हैं। वेतन नहीं मिलने से जहां कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, वहीं बजट और कर्मचारियों के अभाव में कई बार एंबुलेंस लंबे समय तक खड़ी रह जाती है। कर्मचारियों को पिछले एक साल से वाहन मेंटिनेंस, टीए, डीए आदि बिलों का भी भुगतान नहीं हुआ है। प्रदेश में 650 कर्मचारी एंबुलेंस सेवा में कार्यरत हैं, लेकिन अव्यवस्था के खिलाफ कर्मचारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं, पूर्व में हड़ताल करने पर 21 कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा था।

विज्ञापन


108 एंबुलेंस सेवा पहाड़ की लाइफ लाइन मानी जाती है। दुर्घटना या गंभीर रोगी को ले जाने के लिए तत्काल मौके पर पहुंचकर कर्मचारी रोगियों को अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन तमाम अव्यवस्थाओं के चलते यह सेवा धीरे-धीरे पटरी से उतरती जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि पूर्व में एक 108 वाहन के लिए चार फार्मासिस्ट और चार चालक निर्धारित थे, लेकिन वर्तमान में इनकी संख्या घटाकर दो फार्मासिस्ट और दो चालक कर दी गई है।
विज्ञापन


जो भी कर्मचारी दिन रात सेवाएं दे रहे हैं उनको मई से वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उनके परिवार के सम्मुख आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। रोजमर्रा की जरूरतों के लाले पड़ रहे हैं। यही नहीं नवंबर 16 से कर्मचारियों को ना तो वाहन मेंटिनेंस भत्ता मिला है और ना ही टीए, डीए आदि बिलों का भुगतान हुआ है। कर्मचारियों की कमी के चलते सेवा भी प्रभावित हो रही है। बजट के अभाव में तेल नहीं मिलने पर कई बार एंबुलेंस लंबे समय से खड़ी रह जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 बताया गया कि सेवा को जीवीके कंपनी संचालित करती है, राज्य सरकार द्वारा वेतन का भुगतान पहले कंपनी को किया जाता है, उसके बाद कंपनी कर्मचारियों को मेहनताना देेती है। उधर पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी का कहना है कि 108 सेवा से पहाड़ के लोगों को अच्छी सुविधा मिल रही है। इसके कर्मचारियों ने हजारों लोगों की जान बचाई है, इनकी समस्याओं का समाधान होना जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed