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जिले में नियोजित विकास के रास्ते खुलेंगे : खुराना
Updated Wed, 21 Feb 2018 11:16 PM IST
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अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण के गठन के बाद उसके क्रियान्वयन को लेकर जिला कार्यालय सभागार में हुई कार्यशाला में संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत हिमांशु खुराना ने कहा कि प्राधिकरण के गठन के बाद जिले के नियोजित विकास के रास्ते खुल जाएंगे। उन्होंने प्राधिकरण में कार्य कर रहे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्राधिकरण के अधिनियम का अध्ययन कर सभी कार्य नियमानुसार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने और भवन के नक्शों पर आवश्यक रूप से शीघ्र कार्य करने के निर्देश दिए। नगर नियोजक कुमाऊं संभाग एसएम श्रीवास्तव ने प्राधिकरण के अधिनियमों और प्राधिकरण के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की समय-समय पर बोर्ड बैठक होनी अनिवार्य है। प्राधिकरण का जिला स्तरीय ढांचा बन जाने के बाद कार्यों को धरातल पर उतारना होगा। पंजिकाओं के रखरखाव के साथ ही मानचित्र की स्वीकृति की प्रक्रिया को ऑनलाइन भी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण को अपनी आय के साधन जुटाने होंगे। जिसके लिए आवासीय कालोनी के निर्माण सहित अन्य प्रोजेक्टों पर भी कार्य करना होगा।
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विकास शुल्क का ढांचा प्राधिकरण की साइट पर अपलोड किया गया है। तकनीकी सहायकों को बाइलॉज का विशेष ध्यान रखना होगा उसी के अनुसार सभी कार्य और दंड लिया जाएगा।
कार्यशाला में मुख्य कोषाधिकारी मो. गुलफाम अहमद, लोनिवि के अधिशासी अभियंता एसडी पांडे, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका श्यामसुंदर प्रसाद, अवर अभियंता पालिका दीप चंद्र जोशी, सहायक अभियंता लोनिवि कैलाश रौतेला, सहायक अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग दीपक कुमार, दिनेश रावत आदि मौजूद थे।
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उन्होंने अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने और भवन के नक्शों पर आवश्यक रूप से शीघ्र कार्य करने के निर्देश दिए। नगर नियोजक कुमाऊं संभाग एसएम श्रीवास्तव ने प्राधिकरण के अधिनियमों और प्राधिकरण के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की समय-समय पर बोर्ड बैठक होनी अनिवार्य है। प्राधिकरण का जिला स्तरीय ढांचा बन जाने के बाद कार्यों को धरातल पर उतारना होगा। पंजिकाओं के रखरखाव के साथ ही मानचित्र की स्वीकृति की प्रक्रिया को ऑनलाइन भी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण को अपनी आय के साधन जुटाने होंगे। जिसके लिए आवासीय कालोनी के निर्माण सहित अन्य प्रोजेक्टों पर भी कार्य करना होगा।
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विकास शुल्क का ढांचा प्राधिकरण की साइट पर अपलोड किया गया है। तकनीकी सहायकों को बाइलॉज का विशेष ध्यान रखना होगा उसी के अनुसार सभी कार्य और दंड लिया जाएगा।
कार्यशाला में मुख्य कोषाधिकारी मो. गुलफाम अहमद, लोनिवि के अधिशासी अभियंता एसडी पांडे, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका श्यामसुंदर प्रसाद, अवर अभियंता पालिका दीप चंद्र जोशी, सहायक अभियंता लोनिवि कैलाश रौतेला, सहायक अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग दीपक कुमार, दिनेश रावत आदि मौजूद थे।