केदारनाथः 190 शवों का हो चुका दाह संस्कार
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केदारघाटी में आपदा के बाद से अब तक 190 शवों को मलबे से निकालकर दाह संस्कार किया जा चुका है। केदारनाथ धाम में एनडीआरएफ और पुलिस भवनों के अंदर, मलबों में शवों की तलाश कर रही है।
केदारनाथ हादसे में लापता लोगों के संबंध में जिले में विवेचनाओं के आने का सिलसिला जारी है। जिले की पुलिस को अभी तक 1660 विवेचना प्राप्त हो चुकी हैं। इन विवेचनाओं के आधार पर गुमशुदगी की एफआईआर काट कर उनको सीरियल नंबर दिए जा रहे हैं।
तीन भागों विभाजित
सुविधा को देखते हुए विवेचनाओं को तीन भागों, जिला स्तरीय, प्रदेश स्तरीय और अंतरराज्यीय में विभाजित किया गया है। गौरीकुंड, रामबाड़ा और जंगलचट्टी में पुलिस शवों की तलाशी का कार्य पूरा कर चुकी है।
वर्तमान में केदारनाथ धाम में एनडीआरएफ और पुलिस की टुकड़ी शवों की खोजबीन में लगी है। मलबे में मिल रहे शवों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि उनकी पहचान भी नहीं हो पा रही है। माना जा रहा है कि घरों के अंदर जमा मलबों में अभी भी शव हो सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक बरिंदर जीत सिंह ने बताया कि शवों से बरामद सामग्री को पहचान के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है। डीएनए सैंपलिंग और फोटोग्राफी की जा रही है। प्रत्येक तीन दिन के अंतराल में गुप्तकाशी से नमूनों को देहरादून भेजा जा रहा है।
ऐसे होगी विवेचना
एसपी ने विवेचना सेल के लिए 50 अतिरिक्त एसआई की मांग की है। इन दरोगाओं को 30-30 विवेचना देने का लक्ष्य है। कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद दरोगाओं की आने की उम्मीद है। जिले के लोग जो गायब हैं, उनकी विवेचना जिले की पुलिस रुटीन में करेगी।
जिले से बाहर के, लेकिन राज्य के निवासी और राज्य से बाहर के निवासियों से संबंधित सूचनाओं के लिए संबंधित जिलों के एसएसपी/एसपी को एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिपोर्ट ब्यूरो) के फार्म भेजे जा रहे हैं। ताकि संबंधित जिले की पुलिस अपने स्तर से लापता व्यक्ति के संबंध में आवश्यक सूचनाएं विवेचना अधिकारी (एसआई) को दे सके।
एक ही विवेचना में कई लोगों की लापता होने की सूचना है। विवेचना अधिकारी का काम होगा कि वह एक ही व्यक्ति की अलग-अलग स्थानों में दर्ज गुमशुदगी को रद्द करें।
अब तक प्राप्त विवेचनाः
| जिला | संख्या |
| रुद्रप्रयाग | 181 |
| चमोली | 26 |
| टिहरी | 9 |
| उत्तरकाशी | 1 |
| देहरादून | 1356 |
| हरिद्वार | 77 |
| पंजाब | 2 |