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मनीष तिवारी का दावा, सीएम योगी ने केंद्र के दबाव में जांच का आदेश लिया वापस

Mon, 28 Jan 2019 10:30 PM IST
अमित मंडल डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: अमित मंडल Updated Mon, 28 Jan 2019 10:30 PM IST
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Who is in center who overturned inquiry orders of CM Yogi
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

भाजपा के मौजूदा सभी मुख्यमंत्रियों में योगी आदित्यनाथ को सर्वाधिक शक्तिशाली माना जाता है। उनके कार्यालय द्वारा साइन की गई फाइलों को बीच राह में रोकने की हिम्मत सहजता से किसी की नहीं होती, मगर ऐसा हो गया है। कथित भ्रष्टाचार का एक मामला जिसकी जांच के आदेश खुद योगी ने दिए थे, लेकिन केंद्र में दो लोगों ने ऐसा दबाव बनाया कि योगी के कार्यालय को खुद के जारी आदेश वापस लेने पड़ गए। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री अरुण जेटली से सवाल पूछे हैं।

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बता दें कि अरविंद गोयल नाम के एक शख्स पर आरोप है कि उसने गलत तरीके से कथित दो सौ एकड़ जमीन खरीदी है। इसके लिए बीस मुखौटा कंपनियां बनाई गईं। कई तरह के लेन-देन किए गए। जीपीए कराने जैसे मामले भी सामने आए हैं। मतलब है कि इस मामले में यूपी सरकार को स्टांप ड्यूटी की भारी चपत लग गई। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी के मुताबिक, मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह ने इस मामले की व्यापक जांच के लिए 28 जुलाई 2017 को सीएम दफ़्तर को एक पत्र लिख दिया।
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इसके बाद यूपी सरकार में खाद्य सुरक्षा विभाग के मुख्य सचिव हिमांशु कुमार ने भी 13 अक्तूबर को एक नोट लिखा। इसमें उन्होंने लिखा कि यह एक गंभीर मामला है। इसकी जांच विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से होनी चाहिए। सीएम ने इस मामले को क्लीयर कर दिया।उनके कार्यालय ने संबंधित एजेंसियों को जांच के लिए पत्र लिखा। एकाएक 6 दिसंबर 2017 को सीएम कार्यालय ने पलटी मारते हुए खुद के आदेश वापस ले लिए। वजह बताई कि आरोपी को जांच कार्य से मानसिक प्रताड़ना होगी,  इसलिए इस मामले की जांच नहीं होगी।
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तिवारी ने कहा, अरविंद गोयल आयकर विभाग के मुखिया सुभाष चंद्रा के रिश्तेदार हैं। हम, पीएम मोदी और अरुण जेटली से पूछना चाहते हैं कि यह जांच रद्द क्यों कर दी गई। कांग्रेस पार्टी की मांग है कि इस सारे प्रकरण की सिलसिलेवार तरीके से जांच की जाए। इससे एक बात और साबित हो जाती है कि एनडीए-भाजपा सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। इन एजेंसियों के सहारे यह सरकार विपक्षी दलों को परेशान करती है। विपक्षी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। जो अफ़सर ईमानदारी से काम करने का प्रयास करता है, उसे प्रताड़ित किया जाता है। तिवारी ने कहा, हाल ही में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने वाले सीबीआई अफसर का दिल्ली से रांची तबादला कर दिया गया। यह बात साबित करती है कि जांच एजेंसी का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है।

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