बुनकरों की बेहतरी के लिए खुलेंगी नई राहें
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शुक्रवार को यहां हथकरघा और बुनकरों के लिए कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने आईं सचिव रश्मि वर्मा ने बताया कि व्यापार सुविधा केंद्र का निर्माण अगस्त 2017 तक पूरा हो जाएगा। वाराणसी में नौ हथकरघा साझा सुविधा केंद्र भी बनाए जा रहे हैं। ये केंद्र फिलहाल किराये के भवनों में संचालित हैं लेकिन इस माह के अंत तक सात साझा केंद्र अपने तैयार हो रहे नए भवन में शिफ्ट हो जाएंगे। शेष दो अन्य को भी जल्द तैयार कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इन केंद्रों पर बुनकरों को सब्सिडी पर धागा मुहैया कराने के साथ ही बुनकरी की नई तकनीकी का प्रशिक्षण और पर्यावरण अनुकूल डाइंग की सुविधा प्रदान की जाती है। इसका बुनकरों को लाभ भी मिल रहा है। बुनकर सेवा केंद्र परिसर में निर्माणाधीन एकीकृत हैंडलूम भवन के तैयार होने के बाद हथकरघा और हस्तशिल्प के सभी कार्यालय एक ही छत के नीचे आ जाएंगे। इसी भवन में निफ्ट भी संचालित होगा। वस्त्र सचिव ने बताया कि इस परिसर में भारतीय हथकरधा प्रौद्योगिकी संस्थान भी संचालित हो रहा है। इसमें कई तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम और कोर्स संचालित हो रहे हैं। अभी पिछले माह एक नया प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें बुनकरों को कारोबार बढ़ाने और लाभ अर्जित करने के बारे में बताया जा रहा है।
वस्त्र सचिव ने कहा कि बुनकरों के लिए दी जा रही सुविधाओं पर किसी तरह के कर का प्रावधान नहीं है। मंत्रालय का पूरा प्रयास है कि जो वास्तव में बुनकर हैं, उनको लाभ मिले। इन बुनकरों को व्यापारिक सुविधा केंद्र और साझा सुविधा केंद्र से जोड़ा जा रहा है। वहां उन्हें सारी सुविधा मुहैया कराई जा रही हैं। उनके उत्पादों की बिक्री के लिए ई कॉमर्स का मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। बुनकरों की आय में वृद्धि के लिए उन्हें प्रशिक्षित कर उनके कौशल विकास के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। बिचौलियों का दखल पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
विकास आयुक्त हथकरघा आलोक कुमार ने बताया कि पिछले दिनों हुए बुनकरों के सर्वे को मार्च के अंत तक वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा। इस दौरान एडीसी अनिल राजकुमार, विकास आयुक्त हैंडीक्राफ्ट के गोपाल, रीडर आईआईएचटी के एसके रोहिला, आयुक्त हथकरघा और वस्त्रोद्योग कानपुर आनंद मोहन, उप निदेशक बुनकर सेवा केंद्र एस बंदोपाध्याय, सहायक निदेशक अंशुमान गुप्ता मौजूद रहे।