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बीमा कंपनी पर 1.43 लाख का जुर्माना
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
Updated Sun, 13 Mar 2016 01:09 AM IST
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शामली। क्लेम राशि देने से इंकार करने पर बीमा कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। जिला उपभोक्ता फोरम ने फैसला सुनाते हुए पीड़ित परिवार को एक लाख 43 हजार की धनराशि देने का आदेश दिया है।
शामली निवासी कमलेश का पति प्रताप सिंह विद्युत निगम में संविदा कर्मचारी के रूप में लाइन मैन पर कार्यरत था। ड्यूटी फुगाना में पावर हाउस पर लगी थी। 29 नवंबर 2009 को लाइन पर काम करते समय करंट लगने से उसकी मौत हो गई। विद्युत निगम एवं ठेकेदार द्वारा प्रताप सिंह का बुढ़ाना रोड स्थित दि ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी की शाखा में बीमा कराया था। प्रताप की मौत के बाद परिजनों ने बीमा कंपनी को सूचना दी। कंपनी ने क्लेम देने से इंकार कर दिया।
काफी समय तक चक्कर काटने के बावजूद भी कंपनी ने कोई सुनवाई नहीं की। जिसके बाद पीड़िता ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल कर दिया। इस वाद पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव व सदस्य श्रवण कुमार की पीठ ने बीमा कंपनी को दोषी माना। पीठ ने बीमा कंपनी को एक लाख 43 हजार रुपये का जुुर्माना भरने के आदेश दिए हैं।
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शामली निवासी कमलेश का पति प्रताप सिंह विद्युत निगम में संविदा कर्मचारी के रूप में लाइन मैन पर कार्यरत था। ड्यूटी फुगाना में पावर हाउस पर लगी थी। 29 नवंबर 2009 को लाइन पर काम करते समय करंट लगने से उसकी मौत हो गई। विद्युत निगम एवं ठेकेदार द्वारा प्रताप सिंह का बुढ़ाना रोड स्थित दि ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी की शाखा में बीमा कराया था। प्रताप की मौत के बाद परिजनों ने बीमा कंपनी को सूचना दी। कंपनी ने क्लेम देने से इंकार कर दिया।
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काफी समय तक चक्कर काटने के बावजूद भी कंपनी ने कोई सुनवाई नहीं की। जिसके बाद पीड़िता ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल कर दिया। इस वाद पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव व सदस्य श्रवण कुमार की पीठ ने बीमा कंपनी को दोषी माना। पीठ ने बीमा कंपनी को एक लाख 43 हजार रुपये का जुुर्माना भरने के आदेश दिए हैं।
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