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मेडिकल कैंप आयोजकों के दफ्तर पर छापा
ब्यूरो खुटार।
Updated Sat, 12 Mar 2016 11:40 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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खबर छपने के बाद स्वास्थ्य शिविर भी नहीं लगा
सीएमओं के निर्देश पर एमओआईएस ने की चेकिंग
आईएमसी के मुख्य वितरक दस्तावेज समेत तलब
बिना अनुमति खुटार क्षेत्र के नवाजपुर गांव में मेडिकल शिविर आयोजित करने और इलेक्ट्रो मैग्नेटिक मशीन से 36 रोगों की जानकारी कर दवा देने का दावा करने वाला शिविर शनिवार को नहीं लगा। अमर उजाला ने बिना अनुमति चल रहे इस शिविर की खबर को 12 मार्च के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य महकमे ने आयोजक कंपनी के खुटार स्थित ब्रांच आफिस पर छापा मारा। मौके पर क्लीनिक बंद मिला। वहीं दवा देने वाली कंपनी इंटरनेशनल मार्केंटिंग कारपोरेशन प्रा. लि. (आईएमसी) के एजेंसी होल्डर ने इन शिविरों से कोई वास्ता न होने की बात कही। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुख्य वितरक को अगले आदेश तक दुकान बंद रखने और मेडिकल कैंप लगाने से लेकर दवा बेचने तक सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ जिला मुख्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने प्रकाशित खबर का संज्ञान लिया। पता चला कि कैंप आयोजकों का खुटार के गोला मार्ग पर ब्रांच आफिस भी है। वहां से भी दवा दी जाती है। सीएमओ डॉ. कमल कुमार के निर्देश पर खुटार सरकारी अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां आईएमसी के एजेंसी होल्डर ने बताया कि कैंप आयोजित करने वाले दूसरे लोग हैं और वह सिर्फ आयुर्वेद दवाओं की बिक्री करता है। डॉ. संजीव कुमार ने एजेंसी धारक से लाइसेंस संबंधी पत्रावली तलब की लेकिन देर शाम तक उनके पास कोई कागजात नहीं पहुंचे थे।
बता दें कि आईएमसी के बैनर तले खुटार, करनापुर और रामपुर कलां में गत दिनों मेडिकल कैंप आयोजित किए गए। शिविर के लिए स्वास्थ्य विभाग की अनुमति नहीं ली गई। शिविर में प्रति रोगी तीन सौ रुपए पंजीकरण शुल्क लेकर लैपटॉप से केबल के मार्फत जुड़े इलेक्ट्रो मैग्नेटिक मशीन से शरीर की जांच की बात कहते हुए कई लोगों को दिमाग, किडनी आदि में गंभीर बीमारियां बताई गईं और दो से तीन हजार रुपए तक की दवाएं थमा दी गईं। शारीरिक तौर पर पूरी स्वस्थ खुटार के मलिका गांव निवासी युवक राजीव अग्निहोत्री ने आपबीती सामने लाकर मामले का खुलासा कराया।
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बिना अनुमति जिले में स्वास्थ्य शिविर न लगें, इस पर नजर है। इस मामले में बिना अनुमति कैंप लगाने वालों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। मौके पर एक जांच टीम भेजी गई। कोशिश है कि ऐसे कैंप न लगें और जनता रोगों के नाम पर ठगे जाने बच सके।
- डॉ. कमल कुमार, सीएमओ शाहजहांपुर
सीएमओं के निर्देश पर एमओआईएस ने की चेकिंग
आईएमसी के मुख्य वितरक दस्तावेज समेत तलब
बिना अनुमति खुटार क्षेत्र के नवाजपुर गांव में मेडिकल शिविर आयोजित करने और इलेक्ट्रो मैग्नेटिक मशीन से 36 रोगों की जानकारी कर दवा देने का दावा करने वाला शिविर शनिवार को नहीं लगा। अमर उजाला ने बिना अनुमति चल रहे इस शिविर की खबर को 12 मार्च के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य महकमे ने आयोजक कंपनी के खुटार स्थित ब्रांच आफिस पर छापा मारा। मौके पर क्लीनिक बंद मिला। वहीं दवा देने वाली कंपनी इंटरनेशनल मार्केंटिंग कारपोरेशन प्रा. लि. (आईएमसी) के एजेंसी होल्डर ने इन शिविरों से कोई वास्ता न होने की बात कही। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुख्य वितरक को अगले आदेश तक दुकान बंद रखने और मेडिकल कैंप लगाने से लेकर दवा बेचने तक सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ जिला मुख्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने प्रकाशित खबर का संज्ञान लिया। पता चला कि कैंप आयोजकों का खुटार के गोला मार्ग पर ब्रांच आफिस भी है। वहां से भी दवा दी जाती है। सीएमओ डॉ. कमल कुमार के निर्देश पर खुटार सरकारी अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां आईएमसी के एजेंसी होल्डर ने बताया कि कैंप आयोजित करने वाले दूसरे लोग हैं और वह सिर्फ आयुर्वेद दवाओं की बिक्री करता है। डॉ. संजीव कुमार ने एजेंसी धारक से लाइसेंस संबंधी पत्रावली तलब की लेकिन देर शाम तक उनके पास कोई कागजात नहीं पहुंचे थे।
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बता दें कि आईएमसी के बैनर तले खुटार, करनापुर और रामपुर कलां में गत दिनों मेडिकल कैंप आयोजित किए गए। शिविर के लिए स्वास्थ्य विभाग की अनुमति नहीं ली गई। शिविर में प्रति रोगी तीन सौ रुपए पंजीकरण शुल्क लेकर लैपटॉप से केबल के मार्फत जुड़े इलेक्ट्रो मैग्नेटिक मशीन से शरीर की जांच की बात कहते हुए कई लोगों को दिमाग, किडनी आदि में गंभीर बीमारियां बताई गईं और दो से तीन हजार रुपए तक की दवाएं थमा दी गईं। शारीरिक तौर पर पूरी स्वस्थ खुटार के मलिका गांव निवासी युवक राजीव अग्निहोत्री ने आपबीती सामने लाकर मामले का खुलासा कराया।
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बिना अनुमति जिले में स्वास्थ्य शिविर न लगें, इस पर नजर है। इस मामले में बिना अनुमति कैंप लगाने वालों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। मौके पर एक जांच टीम भेजी गई। कोशिश है कि ऐसे कैंप न लगें और जनता रोगों के नाम पर ठगे जाने बच सके।
- डॉ. कमल कुमार, सीएमओ शाहजहांपुर