{"_id":"56dc74b84f1c1b3e4d8b456b","slug":"soldier-of-being-manipulated","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिपाही बनकर की छेड़छाड़","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सिपाही बनकर की छेड़छाड़
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Mon, 07 Mar 2016 12:03 AM IST
विज्ञापन
T20 वर्ल्ड कप
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र के भुजैनी के पास हाईवे पर स्थित एक व्यक्ति के झोपड़ी में रविवार को दो युवक खुद को सिपाही बता कर घुस गए। गांजा रखने का शक होना बता कर महिलाओं और किशोरियों की तलाशी लेने के बहाने बदसलूकी की। किशोरियों के साथ छेड़खानी करता देख घर की महिलाओं ने जब कड़ा विरोध जताया तो युवक बाइक से भाग निकले। बाद में महिलाएं कांटे चौकी पर पहुंची और घटना बताई तो पता चला कि वह दोनों फर्जी सिपाही थे।
पीड़ित महिलाओं का आरोप था कि रविवार को पौने बारह बजे एक बाइक से दो युवक आए। खुद को सिपाही होना बताते हुए कोतवाली में तैनात होने का धौंस जमाए। गांजे के साथ चार महिलाओं के पकड़ने और उसमें से दो महिलाओं के भाग जाने का जिक्र किए। उसकी झोपड़ी में घुस आए और परिवार की महिलाओं को किशोरियों को कतार में खड़ा कर दिए।
बारी- बारी से महिलाओं और किशोरियों की तलाशी ली। उसी दौरान महिलाओं के मुंह को दूसरी दिशा में कराते हुए दो किशोरियों के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। किशोरियों ने एतराज जताया तो फर्जी सिपाही उन्हें मारने-पीटने की धमकी दिए। महिलाओं ने इस तरीके से तलाशी लिए जाने का जब कड़ा विरोध जाहिर करते हुए शोर मचाया तो बाइक से दोनों भाग निकले। उस दौरान घर पर एक वृद्ध मौजूद थे, लेकिन वह विरोध नहीं कर पाएं। बाद में महिलाएं कांटे चौकी पर पहुंच कर घटना की जानकारी दी।
विज्ञापन
पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल किए। जांच के बाद दोनों युवकों को फर्जी सिपाही होना बताए। हाईवे पर स्थित एक ढाबे पर दोनों युवक गए थे और वहां भी गांजे वाली महिला का जिक्र करते हुए ढाबे पर काम करने वाले लोगों से पूछताछ किया था। कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है। यदि तहरीर मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पीड़ित महिलाओं का आरोप था कि रविवार को पौने बारह बजे एक बाइक से दो युवक आए। खुद को सिपाही होना बताते हुए कोतवाली में तैनात होने का धौंस जमाए। गांजे के साथ चार महिलाओं के पकड़ने और उसमें से दो महिलाओं के भाग जाने का जिक्र किए। उसकी झोपड़ी में घुस आए और परिवार की महिलाओं को किशोरियों को कतार में खड़ा कर दिए।
विज्ञापन
बारी- बारी से महिलाओं और किशोरियों की तलाशी ली। उसी दौरान महिलाओं के मुंह को दूसरी दिशा में कराते हुए दो किशोरियों के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। किशोरियों ने एतराज जताया तो फर्जी सिपाही उन्हें मारने-पीटने की धमकी दिए। महिलाओं ने इस तरीके से तलाशी लिए जाने का जब कड़ा विरोध जाहिर करते हुए शोर मचाया तो बाइक से दोनों भाग निकले। उस दौरान घर पर एक वृद्ध मौजूद थे, लेकिन वह विरोध नहीं कर पाएं। बाद में महिलाएं कांटे चौकी पर पहुंच कर घटना की जानकारी दी।
विज्ञापन
पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल किए। जांच के बाद दोनों युवकों को फर्जी सिपाही होना बताए। हाईवे पर स्थित एक ढाबे पर दोनों युवक गए थे और वहां भी गांजे वाली महिला का जिक्र करते हुए ढाबे पर काम करने वाले लोगों से पूछताछ किया था। कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है। यदि तहरीर मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।