फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   In the name of military commission

सेना में भर्ती कराने के नाम पर दलाली

Thu, 16 Apr 2020 06:55 PM IST
Anonymous User ब्यूरो\अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो\अमर उजाला, सहारनपुर Published by: Anonymous User Updated Thu, 16 Apr 2020 06:55 PM IST
विज्ञापन
 In the name of military commission
संजीव - फोटो : sanjiv
सेना भर्ती के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को मिलिट्री इंटेलीजेंस यूनिट (एमआई) ने पैसा लेकर पास कराने का दावा करने वाले एक ठग को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अभ्यर्थियों से भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की डील की बात भी स्वीकार की।
विज्ञापन


उसकी ज्यादातर डील सहारनपुर और मेरठ के अभ्यर्थियों से हुई थी। पकड़े गए संदिग्ध के आधार पर आर्मी अब इस गिरोह को पकड़ने में जुट गई है। देर रात एमआई टीम ने पकड़े गए आरोपी को पुलिस के हवाले कर मामला दर्ज कराया।
विज्ञापन


पिछले 10 दिनों से चल रही सेना भर्ती में दलालों पर शिकंजा कसने के लिए इंटेलीजेंस टीम लगातार सक्रिय थी। बृहस्पतिवार को एक युवक फोन पर बात कर रहा था, जिसमें पैसा देने पर फिजिकल में पास कराने का वादा कर रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उस आधार पर इंटेलीजेंस टीम ने उसे वहां से धर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सहारनपुर के शिमलाना निवासी संजीव कुमार बताया। एमआई टीम के अधिकारियों ने बताया कि कई दिनों से इस युवक की गतिविधि संदिग्ध थी।

वह लगातार भर्ती स्थल के आसपास कई दिनों से घूम रहा था। ऐसे में शक के आधार पर टीम उस पर नजर बनाए हुए थी। पकड़े जाने के बाद आरोपी संजीव कुमार ने बताया कि उसके इस गैंग का सरगना सहारनपुर निवासी संजू है. जो भर्ती के नाम पर दो से तीन लाख रुपए तक लेते थे।

भर्ती निदेशक कर्नल पंकज साहनी ने बताया कि पकड़ा गया संदिग्ध दौड़ से लेकर मेडिकल तक में पास कराने के लिए ठगी करता था। अब तक पांच-छह ठगी के मामले इसने स्वीकार किए हैं। इस पूरे मामले को जनकपुरी पुलिस को हैंडओवर किया जा रहा है।


सैन्यकर्मियों की भूमिका की भी होगी जांच
सेना भर्ती में दलाल पकड़े जाने के बाद अधिकारी सैन्यकर्मियों की भूमिका की भी जांच करेंगे। कारण पकड़ा गया आरोपी दौड़ से लेकर मेडिकल तक की डील करता था। ऐसे में भर्ती में लगे कर्मचारियों की जांच की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि दलालों के तार जुड़े थे या वे ऐसे ही ठगी कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed