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विकास कार्यों में मनमानी, एक्सईएन को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Thu, 10 Mar 2016 01:01 AM IST
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ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग विकास कार्यों में मनमानी कर रहा है। सांसद निधि के विकास कार्यों में लापरवाही प्रकाश में आने पर डीएम सूर्यपाल गंगवार ने गंभीर रुख अपनाया है। विभाग के एक्सईएन को नोटिस देकर सात दिन में कार्यों से संबंधित डिटेल डीआरडीए को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
डीएम ने वित्तीय अनियमितता करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग ने सांसद निधि के वर्ष 2014-15 के 20 और वर्ष 2015-16 के छह कार्यों को पूरा कराने के लिए दूसरी किस्त की डिमांड नहीं की है।
इसके अलावा अन्य कार्यों में दूसरी किस्त की डिमांड में जमकर मनमानी की है। डीएम के संज्ञान में आया कि टेंडर इस्टीमेट में तय दरों के आधार पर ही दूसरी किस्त की डिमांड की गई है। जबकि अनुबंध के आधार पर धनराशि की डिमांड करनी चाहिए।
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डिमांड के साथ जरूरी दस्तावेज न देकर डीआरडीए को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्वीकृत लागत के आधार पर डिमांड करके वित्तीय अनियमितता की जा रही है। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग के एक्सईएन एनके त्रिपाठी को नोटिस देकर मनमानी बंद करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने द्वितीय किस्त के साथ कार्यों की फोटो, तकनीकी स्वीकृति, माप पुस्तिका व अन्य दस्तावेजों को देने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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डीएम ने वित्तीय अनियमितता करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग ने सांसद निधि के वर्ष 2014-15 के 20 और वर्ष 2015-16 के छह कार्यों को पूरा कराने के लिए दूसरी किस्त की डिमांड नहीं की है।
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इसके अलावा अन्य कार्यों में दूसरी किस्त की डिमांड में जमकर मनमानी की है। डीएम के संज्ञान में आया कि टेंडर इस्टीमेट में तय दरों के आधार पर ही दूसरी किस्त की डिमांड की गई है। जबकि अनुबंध के आधार पर धनराशि की डिमांड करनी चाहिए।
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डिमांड के साथ जरूरी दस्तावेज न देकर डीआरडीए को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्वीकृत लागत के आधार पर डिमांड करके वित्तीय अनियमितता की जा रही है। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग के एक्सईएन एनके त्रिपाठी को नोटिस देकर मनमानी बंद करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने द्वितीय किस्त के साथ कार्यों की फोटो, तकनीकी स्वीकृति, माप पुस्तिका व अन्य दस्तावेजों को देने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।