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प्रतापगढ़ में इंटरमीडिएट गणित का पेपर आउट
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 10 Mar 2016 11:27 PM IST
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बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल रोकने के यूपी बोर्ड के तमाम दावों को खोखला बताते हुए नकल माफिया ने बृहस्पतिवार को बड़ा खेल किया। शातिरों ने इंटरमीडिएट गणित प्रथम प्रश्नपत्र आउट करा लिया। परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र का पैकेट खुलने के पहले ही बाजार में पांच-पांच सौ रुपये में प्रश्नपत्र की हल कॉपियां बिकती मिलीं। मामले में डीआईओएस की ओर से कुंडा कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही जिले भर में इंटरमीडिएट गणित प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा निरस्त कराने की संस्तुति भी कर दी है।
ये पहला मौका है जब जिले में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट गणित प्रथम प्रश्नपत्र का पर्चा आउट हुआ है।
इंटरमीडिएट गणित प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा दोपहर दो बजे से होनी थी। जबकि कुंडा में सुबह छह बजे ही प्रश्नपत्र की हल कॉपियां पांच-पांच सौ रुपये में बिकने लगी। इस बात की भनक एसडीएम कुंडा शशिभूषण राय को मिली तो हड़कंप मच गया। हल कॉपी उनके पास पहुंची, तो वह दंग रह गए। डीआईओएस को फोन कर उन्होंने पूरे मामले से अवगत कराया। दोपहर में एसपीएस इंटर कॉलेज कुंडा पहुंचे डीआईओएस ने परीक्षार्थियों को मिले कोड संख्या 334 (वी जेड) वाले प्रश्नपत्र से मिलान किया तो हल कॉपी में दिए गए प्रश्न प्रश्नपत्र के प्रश्नों से पूरी तरह मिल रहे थे। इसके बाद डीआईओएस ने कुंडा कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ अनुचित साधन निवारण अधिनियम 1998 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि यूपी बोर्ड की जिले भर की इंटरमीडिएट गणित प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
...तो पूरे जिले की परीक्षा नहीं करनी पड़ती निरस्त
यूपी बोर्ड की लापरवाही का खामियाजा जिले भर के परीक्षार्थियों को भुगतना पडे़गा। पांचों तहसीलों के 368 केंद्रों पर होने वाली परीक्षा में सिर्फ दो कोड का ही पेपर दिया गया। जबकिपूर्व में प्रत्येक तहसील के लिए अलग-अलग कोड का पेपर आता था। अगर सभी तहसीलों का कोड अलग होता, तो सिर्फ कुंडा तहसील की ही परीक्षा निरस्त करनी पड़ती। मगर बोर्ड की लापरवाही के चलते जिले भर की परीक्षा निरस्त करनी पड़ी है। हालांकि अभी स्थिति साफ नहीं हो पाई है कि 334 (वीजेड) कोड का पेपर कितने परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया था।
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जिस तरह से पर्चा आउट कराया गया, उससे जिम्मेदारों के दावों पर कई सवाल भी खड़े हो रहे ळैं। सुबह छह बजे से ही हल कॉपियों के बिकने इस ओर भी इशारा कर रहे हैं कि केंद्रों पर एक दिन पहले ही पेपर खुल रहे हैं।
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ये पहला मौका है जब जिले में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट गणित प्रथम प्रश्नपत्र का पर्चा आउट हुआ है।
इंटरमीडिएट गणित प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा दोपहर दो बजे से होनी थी। जबकि कुंडा में सुबह छह बजे ही प्रश्नपत्र की हल कॉपियां पांच-पांच सौ रुपये में बिकने लगी। इस बात की भनक एसडीएम कुंडा शशिभूषण राय को मिली तो हड़कंप मच गया। हल कॉपी उनके पास पहुंची, तो वह दंग रह गए। डीआईओएस को फोन कर उन्होंने पूरे मामले से अवगत कराया। दोपहर में एसपीएस इंटर कॉलेज कुंडा पहुंचे डीआईओएस ने परीक्षार्थियों को मिले कोड संख्या 334 (वी जेड) वाले प्रश्नपत्र से मिलान किया तो हल कॉपी में दिए गए प्रश्न प्रश्नपत्र के प्रश्नों से पूरी तरह मिल रहे थे। इसके बाद डीआईओएस ने कुंडा कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ अनुचित साधन निवारण अधिनियम 1998 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि यूपी बोर्ड की जिले भर की इंटरमीडिएट गणित प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
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...तो पूरे जिले की परीक्षा नहीं करनी पड़ती निरस्त
यूपी बोर्ड की लापरवाही का खामियाजा जिले भर के परीक्षार्थियों को भुगतना पडे़गा। पांचों तहसीलों के 368 केंद्रों पर होने वाली परीक्षा में सिर्फ दो कोड का ही पेपर दिया गया। जबकिपूर्व में प्रत्येक तहसील के लिए अलग-अलग कोड का पेपर आता था। अगर सभी तहसीलों का कोड अलग होता, तो सिर्फ कुंडा तहसील की ही परीक्षा निरस्त करनी पड़ती। मगर बोर्ड की लापरवाही के चलते जिले भर की परीक्षा निरस्त करनी पड़ी है। हालांकि अभी स्थिति साफ नहीं हो पाई है कि 334 (वीजेड) कोड का पेपर कितने परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया था।
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जिस तरह से पर्चा आउट कराया गया, उससे जिम्मेदारों के दावों पर कई सवाल भी खड़े हो रहे ळैं। सुबह छह बजे से ही हल कॉपियों के बिकने इस ओर भी इशारा कर रहे हैं कि केंद्रों पर एक दिन पहले ही पेपर खुल रहे हैं।