फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   attack on kunda police station

सात लोगों ने थाने पर किया था हमला

Tue, 08 Mar 2016 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Tue, 08 Mar 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
attack on kunda police station
पुलिस के मुताबिक हमीरपुर के सनेडी निवासी देशराज (35) पिछले तीन सालों से बागवानियां के पास नालका गांव में किराये के मकान में रहता था। देशराज यहां पर अकेले रहता था तथा उसकी पत्नी और एक बच्ची भी है जो उसके गांव में रहती है। दिन में जूते का कारोबार करने के अलावा वह सुबह शाम कबाड़ का कार्य भी करता था। नालका गांव में मिला था शव- 5 मार्च को कुछ लोगों ने देशराज का शव नालका गांव के जाने वाले रास्ते से कुछ दूर खेत में पड़ा देखा। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची ओर शव को कब्जे में लिया। सनेड़ पंचायत के प्रधान धरेंद्र सिंह ने बताया कि देशराज 2 मार्च से लापता था। हर रोज बागवानियां अपने काम पर आता था। लेकिन जब दो दिन से नहीं दिखाई दिया तो उसके परिचित लोगों ने उसकी खोजबीन की जिस पर उन्हें इसका शव खेतों में मिला। पंचायत प्रधान ने बताया कि मृतक व्यक्ति शराब पीने का भी आदी था। - फोटो : Demo Pic
मानिकपुर थाने पर हमले में छह नहीं बल्कि सात लोग शामिल थे। इसका खुलासा चौथे आरोपी प्रदीप की गिरफ्तारी से हुआ है। पुलिस कितनी तेजी से तथ्यों तक पहुंचती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है। मानिकपुर थाने पर 24 फरवरी को कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। इस दौरान जमकर फायरिंग के साथ ही थाने पर बम भी फेंके गए थे। इसके चलते संतरी महादेव मिश्रा की मौत हो गई थी। एसओ ने मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन


इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीसरे दिन तीसरा आरोपी जुबैर भी गिरफ्तार हो गया। इसके बाद पुलिस को उनसे पूछताछ का काफी मौका मिला। आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर भी लिया गया, लेकिन बात यही सामने आई कि दो बाइकों से ही आए छह लोगों ने थाने पर हमला किया था। रविवार को एसटीएफ के हत्थे चौथा आरोपी चढ़ गया। एसटीएफ की पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि उनके साथ एक सातवां आरोपी भी था जिसका नाम विपिन है। वह गिरोह के लिए रेकी का काम करता था। वह दूसरी बाइक से आया था और उन लोगों के साथ ही निकल गया था। अब सवाल उठता है कि पुलिस ने आरोपियों से क्या पूछताछ की, जिसमें सिर्फ दर्ज मुकदमे में शामिल लोगों के ही नाम सामने आए। फिलहाल, इस गिरोह का नेटवर्क तो बड़ा है जो प्रतिदिन नए-नए खुलासे कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed