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अपहरण में दो को 10 साल का कारावास
ब्यूरो\अमर उजाला
Updated Wed, 09 Mar 2016 01:09 AM IST
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एडीजे-2 ने अपहरण के मामले में दो आरोपियों को 10-10 वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है ।
अभियोजन पक्ष के अनुसार बसेड़ा निवासी रामकिशन पुत्र कालूराम ने 31 अगस्त 2008 को थाना छपार में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि 24 अगस्त 2008 को दिन के लगभग दो बजे उसके पुत्र राजू को उसके गांव के सचिन पुत्र देवी व बबलू पुत्र सतपाल सैनी मिट्टी का कार्य को ठेका दिलाने की बात कहकर बुलाकर ले गए थे, जो आज तक वापस नहीं आया।
इस मुकदमे को दर्ज कर पुलिस ने जांच की, मगर राजू का कोई सुराग नहीं मिला। विवेचना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ राजू का अपहरण करने का आरोप पत्र अदालत में पेश किया था।
इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव की अदालत संख्या दो में हुई। जिसमें सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ठाकुर कुशलपाल सिंह ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए अपनी दलील व सुबूतों के साथ छह गवाह पेश किए।
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विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील एवं सुबूतों के साथ गवाहों के बयानात पर गौर करते हुए दोनों अभियुक्त सचिन एवं बबलू को राजू के अपहरण करने का दोषी करार देते सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार बसेड़ा निवासी रामकिशन पुत्र कालूराम ने 31 अगस्त 2008 को थाना छपार में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि 24 अगस्त 2008 को दिन के लगभग दो बजे उसके पुत्र राजू को उसके गांव के सचिन पुत्र देवी व बबलू पुत्र सतपाल सैनी मिट्टी का कार्य को ठेका दिलाने की बात कहकर बुलाकर ले गए थे, जो आज तक वापस नहीं आया।
इस मुकदमे को दर्ज कर पुलिस ने जांच की, मगर राजू का कोई सुराग नहीं मिला। विवेचना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ राजू का अपहरण करने का आरोप पत्र अदालत में पेश किया था।
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इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव की अदालत संख्या दो में हुई। जिसमें सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ठाकुर कुशलपाल सिंह ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए अपनी दलील व सुबूतों के साथ छह गवाह पेश किए।
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विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील एवं सुबूतों के साथ गवाहों के बयानात पर गौर करते हुए दोनों अभियुक्त सचिन एवं बबलू को राजू के अपहरण करने का दोषी करार देते सजा सुनाई है।