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दिन ढलते ही बंद हुए मेरठ के मंदिरों के कपाट
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Wed, 09 Mar 2016 02:56 AM IST
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खग्रास सूर्यग्रहण का नजारा।
- फोटो : फाइल फोटो
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फाल्गुन की कृष्ण पक्ष अमावस्या को पंच ग्रही आंशिक खग्रास सूर्यग्रहण है। सूर्यग्रहण का सूतक लगने के कारण शहर के मंदिरों में मंगलवार शाम 6 बजे ही कपाट बंद कर दिए गए। इसके बाद भी कई मंदिरों में देर शाम तक भक्तों की कतार लगी रहीं।
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भारतीय समय अनुसार शहर में सूर्यग्रहण का समय बुधवार की सुबह 6:37 बजे से 6:44 बजे तक रहेगा। आचार्य कौशल वत्स के अनुसार शहर में मात्र 7 मिनट के लिए सूर्यग्रहण होगा। आचार्य कौशल वत्स के अनुसार सिंहस्थ से पहले पंचग्रही योग रहेगा जो शुभ फलदायी नहीं है। बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति के पुजारी पंडित श्रीधर त्रिपाठी के अनुसार ग्रहण के कारण मंगलवार की शाम मंदिर के कपाट बंद कर दिये गए हैं। बुधवार सुबह 7:00 बजे शुद्धि के बाद ही भक्त मंदिर में दर्शन कर पाएंगे।
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कुछ मंदिरों के कपाट साढे़ नौ बजे के बाद खुलेंगे। सूर्यग्रहण को लेकर मंगलवार शाम तक शहर के लोगों में संशय की स्थिति बनी रही। महा मंडलेश्वर पीठाधीश्वर गुरु मां निलिमां नंद जी महाराज के अनुसार आंशिक ग्रहण के शहर में दिखने की संभावना बहुत कम है इसलिए धर्म गुरुओं के बीच मंदिरों के कपाट खोलने को लेकर संशय बना हुआ था। उधर, मंगलवार की शाम 5 से 6 बजे के बीच बुढ़ाना गेट सिद्ध पीठ हनुमान मंदिर, शनि मंदिर बच्चा पार्क, शनि मंदिर वेस्ट एंड रोड सहित शहर के अधिकांश मंदिरों के कपाट बंद हो गए थे।
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ग्रहण में भी बंद नहीं होते कपाट
शास्त्रीनगर जयदेवी नगर स्थित सिद्धपीठ गोल मंदिर में मान्यता है कि इस मंदिर के कपाट ग्रहण में भी खुले रहते है। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष राजीव गौड़ के अनुसार भक्तों का मानना है मां आदि शक्ति किसी भी विघभन और कुप्रभाव फलीभूत नहीं हो पाते। मंदिर प्रांगण में सदा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, इसलिए ग्रहण के दौरान भी कपाट बंद नहीं किए जाते हैं।