‘देशद्रोहियों को रोके या हमें छूट दे सरकार’
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आयोजित कार्यक्रम में बिट्टा ने कहा कि जब पठानकोट में सैनिक आतंकवादियों से लड़ रहे थे, सियाचिन में सैनिक देश की सुरक्षा की खातिर समाधि ले रहे थे। उस समय देश में भारत की आजादी के खिलाफ नारे लग रहे थे। कन्हैया देश के टुकड़े कर देने की बात करता है। भारत जैसी आजादी पूरे विश्व में कहीं नहीं है। कन्हैया सैनिकों पर आरोप लगाता है उनके बारे में अभद्र बोलता है। ऐसे लोग भारत के लिए खतरा बन रहे है।
बिट्टा ने बगैर नाम लिए राजनेताओं पर हमला करते हुए कहा कि कुछ साल पहले कुछ लोगों ने रामलीला मैदान में आंदोलन कर देश को बचाने की आस जगाई थी। जिसका मैंने भी समर्थन किया था, उनमें से एक अपने गांव में बैठा है तो दूसरा स्वार्थी सत्ता में रहकर जेएनयू में देशद्रोहियों की आवाज बुलंद करता है। अगर कन्हैया जैसे लोग भारत की आजादी की बात कहकर कानून तोड़ने पर तुले हैं तो हम भी देश की रक्षा के लिए कानून तोड़ने में देर नहीं करेंगे।
कॉलेज के चेयरमैन योगेश मोहन गुप्ता ने बिट्टा का स्वागत किया। बिट्टा ने छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए। वहीं बिट्टा ने कहा कि कन्हैया जैसे देशद्रोही को कुछ न्यूज चैनलों ने राजनेता बना दिया। मुझे ऐसे लोगों पर धिक्कार है। देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ युवाओं को आगे आना होगा।
‘शहीदों के परिवारों की मदद करते हैं अखिलेश’
बिट्टा ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए कहा कि वे शहीद सैनिकों के परिवारों को तुरंत मदद करते हैं। उन्हें तुरंत सुविधा मुहैय्या कराते हैैं। यह सराहनीय है।