पुलिस वाले हो तो, क्या किसी को भी मार दोगे

ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 04 Mar 2016 02:27 AM IST
पुलिस का घेराव करते कर्मचारी
पु‌लिस का घेराव करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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 जीआईसी में लैब असिस्टेंट नागेंद्र की हत्या की खबर जैसे ही उसके गांव में पहुंची तो सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रालियों से जीआईसी और पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। गांव के युवा बेहद गुस्से में थे। पुलिस अफसरों पर सवालों की बौछार करते हुए जवाब मांगा कि पुलिस वाले हो तो क्या किसी को भी मार देंगे? उन्हें क्या इसका लाइसेंस मिला है।
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हत्या की सूचना पर जीआईसी पहुंची पुलिस आनन-फानन में नागेंद्र को शव को पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंच गई। कॉलेज से पता चलने पर गांव जेवरी के ग्रामीण पोस्टमार्टम हाउस पहुंचना शुरू हो गए।  कुछ ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए वहां खड़े पुलिसकर्मियों से नागेंद्र का शव दिखाने को कहा। पुलिसकर्मियों ने मौके की नजाकत भांपकर उन्हें तुरंत पीएम हाउस के अंदर ले जाकर शव दिखा दिया। शव देखते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और चीखना शुरू कर दिया। नागेंद्र के भाई धीर सिंह और गांव से आई महिलाएं भी रोते हुए पुलिस प्रशासन को कोस रही थीं।


ग्रामीणों के सवालों का वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के पास कोई जवाब नहीं था। एसपी देहात प्रवीण रंजन ने परिजन और ग्रामीणों को समझाया कि वह और पूरा पुलिस प्रशासन आपके साथ हैं। सिपाही ने गलत काम किया है, उसे सख्त सजा मिलेगी। बर्खास्तगी तक होगी। कानून सबसे लिए बराबर है, पुलिस वाले अपराध करेंगे तो सजा उन्हें भी मिलेगी।

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