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सिपाही ने दोस्त के साथ मिलकर युवक को मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Sun, 06 Mar 2016 01:46 AM IST
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हत्या के बाद नाराज परिजनों को समझाते पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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निलंबित सिपाही ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर दूसरे दोस्त की ईंटों से कुचलकर और चाकू से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस ने कुछ ही घंटों में सिपाही को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर शताब्दीनगर से शव बरामद कर लिया। पुलिस फरार दूसरे हत्यारोपी की तलाश में दबिशें दे रही है। वारदात को फिरौती के लिए अंजाम दिया गया।
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पूठी गांव निवासी रिटायर्ड फौजी महिपाल सिंह का इकलौता बेटा मनोज उर्फ सोनू (30) शुक्रवार शाम घर से निकला था। रात तक वह नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। परिजनों ने रात को ही थाने पहुंचकर बताया कि मनोज को रिठानी में रिझानी गांव निवासी कपिल और मोनू के साथ देखा गया है। ये दोनों उसके दोस्त हैं और इंटर तक तीनों साथ पढ़े थे। परिजनों ने उन दोनों पर ही अपहरण का शक जताया। पुलिस रात भर मनोज की तलाश और आरोपियों की धरपकड़ को दौड़ती रही।
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शनिवार सुबह कपिल को परतापुर फ्लाईओवर से गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने मनोज की हत्या करने की बात उगल दी। कपिल की निशानदेही पर पुलिस ने शनिवार सुबह मनोज का शव शताब्दीनगर में अध्ययन स्कूल के पास सीवर लाइन से बरामद कर लिया। मौके से ही खून से सनी मनोज की स्कूटी मिली। शव देखकर लग रहा था कि बड़ी ही बेरहमी से हत्या की गई। चेहरे को ईंटों से कुचला गया था। मुंह पर गहरे घाव थे। शरीर को चाकुओं से जगह-जगह से काटा गया था। पुलिस का कहना था कि फरार मोनू की तलाश की जा रही है। दोनों के खिलाफ अपहरण और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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मारने के बाद फिरौती मांगने की थी प्लानिंग
एसओ परतापुर ने बताया कि मनोज की आर्थिक स्थित मजबूत है। कपिल कई दिनों से मनोज से 50 हजार रुपये मांग रहा था। इनकार करने पर कपिल ने मोनू के साथ मिलकर मनोज को अगवा किया और हत्या कर दी। प्लानिंग ये थी कि मनोज को कब्जे में बताकर परिजनों से मोटी फिरौती वसूली जाए। लेकिन एक परिचित ने तीनों को रिठानी में देख लिया और मनोज के परिजनों को बता दिया।
निलंबित और फरार सिपाही है कपिल
एसपी सिटी ओमप्रकाश ने बताया कि हत्यारोपी कपिल यूपी पुलिस का सिपाही है। पोस्टिंग गौतमबुद्धनगर के कासना में है। फिलहाल 2013 से किसी आरोप में निलंबित है और फरार चल रहा था। पुलिस को उसकी तलाश थी।