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लड़ाई लखनऊ की, तीर चले दिल्ली की ओर
हिमांशु त्रिपाठी
Updated Mon, 07 Mar 2016 12:24 AM IST
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भाजयुमो के अधिवेशन का समापन
- फोटो : अमर उजाला
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भाजयुमो के राष्ट्रीय अधिवेशन में बेशक युवाओं के दम पर मिशन 2017 का सपना देखा गया लेकिन यूपी की दोनों प्रमुख पार्टियां नजरअंदाज कर दी गईं। दो दिन के अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली तक के निशाने पर कांग्रेस ही रही। कांग्रेस को जेएनयू से लेकर भ्रष्टाचार तक के मुद्दे पर घेरा गया लेकिन यूपी के सूरत-ए-हाल और कानून व्यवस्था को लेकर यहां के सत्ताधारी सपा और मुख्य विपक्षी पार्टी बसपा को निशाने पर ही नहीं लिया गया। हर तीर दिल्ली की ओर चले और हर बार सपना लखनऊ का देखा गया।
देश के विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ता वृंदावन आए थे। लगभग 11000 प्रतिनिधियों के इस अधिवेशन को लेकर बीजेपी का युवा पूरे जोश में था। पहले दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का पूरा संबोधन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए के दस साल की विफलता और जेएनयू के कन्हैया के इर्दगिर्द घूमता रहा। अनुराग ठाकुर ने बैठक में तो एक बार यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए लेकिन इसके बाद अधिवेशन वे जेएनयू, कन्हैया पर ही हमलावर रहे।
अंतिम दिन रविवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली भी पूरे मूड में थे। वामपंथ का इतिहास बताया, कांग्रेस को घेरा लेकिन सपा और बसपा की बात नहीं की। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह ने अपने अपने राज्यों की विकास यात्रा का मुकम्मल ब्यौरा दिया। सिर्फ केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ही यूपी के मुद्दे पर बोले और इसी तरह पहले दिन प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने यूपी की सियासत का जिक्र किया। केंद्र से आए भाजपाई दिग्गजों ने केंद्र की उपलब्धियां, जेएनयू प्रकरण की बात घर-घर पहुंचाकर कांग्रेस की नाकामी की बात बताने का संदेश युवा कार्यकर्ताओं को दिया।
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यूपी के हर जिले से अधिवेशन में भागीदारी थी। सभी को मिशन 2017 फतह करने की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। अब भाजपा के युवा कांग्रेस के खिलाफ हमलावर होकर गांव-गांव जाएंगे लेकिन उनकी सियासी लड़ाई अधिकतर सीटों पर सीधे सपा-और बसपा से होगी। अब कार्यकर्ताओं के सामने बड़ी चुनौती यही रहेगी कि यूपी चुनाव में वह यहां की मुख्य पार्टियों के खिलाफ गांव-गांव क्या बताएंगे, क्योंकि उन्हें दिग्गजों का जो संदेश मिला है उसमें मुख्यमंत्री अखिलेश की सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री मायवती की बसपा को घेरने का कोई मंत्र ही नहीं दिया गया है।
हम यूपीए में सपा और बसपा को मानते हैं। कांग्रेस को केंद्र में सपा और बसपा दोनों ने ही समर्थन दिया था। सपा-बसपा-कांग्रेस तीनों मिले हुए हैं। उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश भाजपा ही बनाएगी।
श्रीकांत शर्मा
राष्ट्रीय सचिव, भाजपा
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देश के विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ता वृंदावन आए थे। लगभग 11000 प्रतिनिधियों के इस अधिवेशन को लेकर बीजेपी का युवा पूरे जोश में था। पहले दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का पूरा संबोधन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए के दस साल की विफलता और जेएनयू के कन्हैया के इर्दगिर्द घूमता रहा। अनुराग ठाकुर ने बैठक में तो एक बार यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए लेकिन इसके बाद अधिवेशन वे जेएनयू, कन्हैया पर ही हमलावर रहे।
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अंतिम दिन रविवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली भी पूरे मूड में थे। वामपंथ का इतिहास बताया, कांग्रेस को घेरा लेकिन सपा और बसपा की बात नहीं की। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह ने अपने अपने राज्यों की विकास यात्रा का मुकम्मल ब्यौरा दिया। सिर्फ केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ही यूपी के मुद्दे पर बोले और इसी तरह पहले दिन प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने यूपी की सियासत का जिक्र किया। केंद्र से आए भाजपाई दिग्गजों ने केंद्र की उपलब्धियां, जेएनयू प्रकरण की बात घर-घर पहुंचाकर कांग्रेस की नाकामी की बात बताने का संदेश युवा कार्यकर्ताओं को दिया।
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यूपी के हर जिले से अधिवेशन में भागीदारी थी। सभी को मिशन 2017 फतह करने की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। अब भाजपा के युवा कांग्रेस के खिलाफ हमलावर होकर गांव-गांव जाएंगे लेकिन उनकी सियासी लड़ाई अधिकतर सीटों पर सीधे सपा-और बसपा से होगी। अब कार्यकर्ताओं के सामने बड़ी चुनौती यही रहेगी कि यूपी चुनाव में वह यहां की मुख्य पार्टियों के खिलाफ गांव-गांव क्या बताएंगे, क्योंकि उन्हें दिग्गजों का जो संदेश मिला है उसमें मुख्यमंत्री अखिलेश की सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री मायवती की बसपा को घेरने का कोई मंत्र ही नहीं दिया गया है।
हम यूपीए में सपा और बसपा को मानते हैं। कांग्रेस को केंद्र में सपा और बसपा दोनों ने ही समर्थन दिया था। सपा-बसपा-कांग्रेस तीनों मिले हुए हैं। उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश भाजपा ही बनाएगी।
श्रीकांत शर्मा
राष्ट्रीय सचिव, भाजपा