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बागवानी कर किसान सुधारें आर्थिक स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Thu, 10 Mar 2016 11:47 PM IST
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गोष्ठी आयोजित
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत दो दिवसीय विज्ञान संगोष्ठी का शुभारंभ गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में हुआ। इसमें विशेषज्ञों ने किसानों को बागवानी कर आर्थिक स्थित सुधारने की सलाह दी। वहीं लगाए गए विभिन्न स्टाल के माध्यम से किसानों को उत्तम किस्म के बीज आदि की जानकारी दी गई।
गुरुवार को संगोेष्ठी का शुभारंभ जिला विकास अधिकारी जेएन कुरील ने किया। उन्होंने कहा कि किसान आधुनिक तकनीकी को अपनाकर खेती करें। उर्वरकों का प्रयोग संतुलित मात्रा में किया जाए। उप निदेशक उद्यान आगरा मंडल आगरा भैरम सिंह ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित हैं। बागवानी मिशन के तहत किसान औषधीय पौधों का रोपण करें। इससे उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी।
जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने कहा कि किसान मृदा का परीक्षण कराएं। उर्वरकों का प्रयोग संतुलित मात्रा में ही करें। कई बार मृदा परीक्षण न होने से सही जानकारी न हो पाने के कारण ग्रामीण अंधाधुंध उर्वरकों का प्रयोग करते रहते हैं। जिससे अधिक पैसा तो लगता ही है सही उपज भी नहीं मिलती। संगोष्ठी में उद्यान निरीक्षक शिवराज सिंह यादव, कृषि वैज्ञानिक डाक्टर शंकर सिंह, उद्यान वैज्ञानिक डाक्टर विकास रंजन चौधरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर योगेश कुमार सारस्वत ने भी जानकारियां दीं। वहीं स्टाल से किसानों ने उन्नत किस्म के बीज आदि के बारे में जानकारी जुटाई।
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गुरुवार को संगोेष्ठी का शुभारंभ जिला विकास अधिकारी जेएन कुरील ने किया। उन्होंने कहा कि किसान आधुनिक तकनीकी को अपनाकर खेती करें। उर्वरकों का प्रयोग संतुलित मात्रा में किया जाए। उप निदेशक उद्यान आगरा मंडल आगरा भैरम सिंह ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित हैं। बागवानी मिशन के तहत किसान औषधीय पौधों का रोपण करें। इससे उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी।
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जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने कहा कि किसान मृदा का परीक्षण कराएं। उर्वरकों का प्रयोग संतुलित मात्रा में ही करें। कई बार मृदा परीक्षण न होने से सही जानकारी न हो पाने के कारण ग्रामीण अंधाधुंध उर्वरकों का प्रयोग करते रहते हैं। जिससे अधिक पैसा तो लगता ही है सही उपज भी नहीं मिलती। संगोष्ठी में उद्यान निरीक्षक शिवराज सिंह यादव, कृषि वैज्ञानिक डाक्टर शंकर सिंह, उद्यान वैज्ञानिक डाक्टर विकास रंजन चौधरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर योगेश कुमार सारस्वत ने भी जानकारियां दीं। वहीं स्टाल से किसानों ने उन्नत किस्म के बीज आदि के बारे में जानकारी जुटाई।
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