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तेज हवाओं के साथ हुई हल्की वर्षा
ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 14 Mar 2016 11:19 PM IST
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हमीरपुर में बारिश के बाद खेतों में बर्बाद हुई गेहूं की फसल।
- फोटो : अमर उजाला
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गेहूं, लाही और मसूर की फसलों को हुआ आंशिक नुकसान
दिन में भी छाए रहे आसमान में बादल, कई बार हुई बूंदाबांदी
सोमवार तड़के तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने से फसलों को मामूली नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई। इससे उत्पादन में कमी आने की आशंका पैदा हो गई। इसके साथ ही कट चुकी मसूर और लाही की फसल खलिहान में भीगने से खराब हो गई है। मौसम के बदले रुख से किसानों के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं।
पिछले दो दिनों से आसमान में छाए बादल आखिरकार सोमवार की तड़के बरस गए। बारिश बहुत तेज नहीं थी लेकिन तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से मौसम में तरावट आ गई है। तापमान में गिरावट महसूस की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान15 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पिछले कई दिनों से बढ़ रही गर्मी से भी राहत मिली है। सोमवार को दिन में भी आसमान में बादल छाए रहे और कई बार बूंदाबांदी भी हुई है। दिन में धूप भी निकली लेकिन धूप में तपिश न होने के कारण लोगों को गर्मी से निजात रही।
तड़के तेज हवाओं के साथ हुई वर्षा से गेहूं की फसल खेतों में ही गिर गई। फसल गिरने से बालियों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इससे उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। उधर लाही, सरसों और मसूर की फसल कटकर खलिहानों में पड़ी थी। अचानक पानी बरसने से ये फसलें खेतों में ही भीग गई हैं। किसानों का कहना है कि हल्की बारिश होने से फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। मौसम ने इधर जो रुख बदला है उससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहैल का कहना है कि हल्की बारिश से फसलों को मामूली नुकसान हुआ है। यदि माह मार्च या अप्रैल में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होती है तो फसलों को ज्यादा नुकसान हो सकता है। गेहूं की फसल पक रही है। ऐसे में उसे उचित तापमान की भी जरूरत है।
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दिन में भी छाए रहे आसमान में बादल, कई बार हुई बूंदाबांदी
सोमवार तड़के तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने से फसलों को मामूली नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई। इससे उत्पादन में कमी आने की आशंका पैदा हो गई। इसके साथ ही कट चुकी मसूर और लाही की फसल खलिहान में भीगने से खराब हो गई है। मौसम के बदले रुख से किसानों के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं।
पिछले दो दिनों से आसमान में छाए बादल आखिरकार सोमवार की तड़के बरस गए। बारिश बहुत तेज नहीं थी लेकिन तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से मौसम में तरावट आ गई है। तापमान में गिरावट महसूस की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान15 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पिछले कई दिनों से बढ़ रही गर्मी से भी राहत मिली है। सोमवार को दिन में भी आसमान में बादल छाए रहे और कई बार बूंदाबांदी भी हुई है। दिन में धूप भी निकली लेकिन धूप में तपिश न होने के कारण लोगों को गर्मी से निजात रही।
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तड़के तेज हवाओं के साथ हुई वर्षा से गेहूं की फसल खेतों में ही गिर गई। फसल गिरने से बालियों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इससे उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। उधर लाही, सरसों और मसूर की फसल कटकर खलिहानों में पड़ी थी। अचानक पानी बरसने से ये फसलें खेतों में ही भीग गई हैं। किसानों का कहना है कि हल्की बारिश होने से फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। मौसम ने इधर जो रुख बदला है उससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहैल का कहना है कि हल्की बारिश से फसलों को मामूली नुकसान हुआ है। यदि माह मार्च या अप्रैल में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होती है तो फसलों को ज्यादा नुकसान हो सकता है। गेहूं की फसल पक रही है। ऐसे में उसे उचित तापमान की भी जरूरत है।