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खड्डा चीनी मिल में घटतौली पर हंगामा
कुशीनगर
Updated Thu, 10 Mar 2016 11:30 PM IST
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खड्डा चीनी मिल में घटतौली उजागर होने के बाद किसानो ने मिल गेट पर प्रदर्शन करने वालों को समर्थन देने पहुंचे विधायक विजय दुबे।
- फोटो : अमर उजाला
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खड्डा। एक किसान की जागरूकता से खड्डा चीनी मिल में बडे़ पैमाने पर घटतौली उजागर हुई। उसके बाद नाराज किसानों ने मिल गेट पर जमकर हंगामा किया। घटतौली के जरिए प्रति ट्रॉली 2900 रुपये की चपत लगने की बात सुनकर किसान सदमे में हैं।
मौके पर पहुंचे विधायक एवं भाजपा नेताओं के कड़े रुख के बाद डीसीओ ने पहुंचकर मिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन दिया। लेकिन पिछले 11 फरवरी को पकड़ी गई घटतौली पर ही अब तक कोई कार्रवाई न होने से जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहा है।
खड्डा चीनी मिल पर गन्ना की घटतौली की शंका होने के बाद मदनपुर गांव के किसान गोबरी सिंह अपनी पत्नी रामसंवारी के सप्लाई टिकट पर ट्रॉली से गन्ना लादकर पहले एक धर्मकांटा पर तौल कराए। वहां वजन 114 क्विंटल से ज्यादा था। उसके बाद बुधवार की आधी रात को जब मिल के तौल कांटे पर तौल कराए तो गन्ने का वजन 103 क्विंटल से कुछ किलोग्राम ही ज्यादा हुआ।
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लगभग 11 क्विंटल का अंतर देख किसान अपनी ट्रॉली मिल में ही किनारे खड़ी कर हंगामा करने लगा। बृहस्पतिवार की सुबह काफी संख्या में लोग मिल गेट पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। वहां पहुंचे विधायक विजय दुबे, पूर्व विधायक दीपलाल भारती, डॉ. नीलेश मिश्रा आदि ने चीनी मिल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। विधायक के कडे़ रुख के बाद डीसीओ एवं सचिव पहुंचे। उनके सामने फि र तौल कराया गया तो उतना ही अंतर आया।
कुछ देर के बाद मिल प्रशासन ने तौल कांटा ठीक करने का दावा करते हुए फिर तौल कराया तो अंतर समाप्त हो गया। उपस्थित विधायक एवं किसानों की मांग पर मिल की तरफ से तकनीकी खराबी लिखकर दिया गया, तब मामला शांत हुआ। किसानों के साथ हो रही इस तरह की घटतौली में मैनेज करने का प्रयास भी शुरू हो गया है। नियम के अनुसार बिना बाट माप विभाग के तकनीकी कर्मचारियों की मौजूदगी में ही तौल कांटे से छेड़छाड़ किया जा सकता है।
ऐसे में मिल ने खुद ही कांटे को दुरुस्त करने की बात कैसे कह दी। मिल की इस बात को डीसीओ ने मान भी लिया। सवाल उठता है कि पिछले तीन महीने से चल रही इस घटतौली पर मिल प्रबंधन ने ध्यान क्यों नहीं दिया। साथ ही घटतौली के शिकार हुए किसानों को उनके नुकसान की भरपाई कैसे होगी?
लगभग एक माह पहले 11 फरवरी को खड्डा गन्ना समिति के सचिव ने घटतौली पकड़कर कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट किया था, लेकिन डीसीओ की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीसीओ का कहना है कि घटतौली की बात उजागर हुई है।
इसके लिए मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। किसानों को उनके नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। पहले हुई घटतौली पर भी कार्रवाई चल रही है। बिना बाट माप विभाग के रहते कांटे से छेड़छाड़ नहीं किया जा सकता। मिल के गन्ना व्यवस्थापक टीएस राणा का कहना है कि तकनीकी खराबी के चलते यह अंतर आ गया था। उसे ठीक कर दिया गया है।
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मौके पर पहुंचे विधायक एवं भाजपा नेताओं के कड़े रुख के बाद डीसीओ ने पहुंचकर मिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन दिया। लेकिन पिछले 11 फरवरी को पकड़ी गई घटतौली पर ही अब तक कोई कार्रवाई न होने से जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहा है।
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खड्डा चीनी मिल पर गन्ना की घटतौली की शंका होने के बाद मदनपुर गांव के किसान गोबरी सिंह अपनी पत्नी रामसंवारी के सप्लाई टिकट पर ट्रॉली से गन्ना लादकर पहले एक धर्मकांटा पर तौल कराए। वहां वजन 114 क्विंटल से ज्यादा था। उसके बाद बुधवार की आधी रात को जब मिल के तौल कांटे पर तौल कराए तो गन्ने का वजन 103 क्विंटल से कुछ किलोग्राम ही ज्यादा हुआ।
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लगभग 11 क्विंटल का अंतर देख किसान अपनी ट्रॉली मिल में ही किनारे खड़ी कर हंगामा करने लगा। बृहस्पतिवार की सुबह काफी संख्या में लोग मिल गेट पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। वहां पहुंचे विधायक विजय दुबे, पूर्व विधायक दीपलाल भारती, डॉ. नीलेश मिश्रा आदि ने चीनी मिल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। विधायक के कडे़ रुख के बाद डीसीओ एवं सचिव पहुंचे। उनके सामने फि र तौल कराया गया तो उतना ही अंतर आया।
कुछ देर के बाद मिल प्रशासन ने तौल कांटा ठीक करने का दावा करते हुए फिर तौल कराया तो अंतर समाप्त हो गया। उपस्थित विधायक एवं किसानों की मांग पर मिल की तरफ से तकनीकी खराबी लिखकर दिया गया, तब मामला शांत हुआ। किसानों के साथ हो रही इस तरह की घटतौली में मैनेज करने का प्रयास भी शुरू हो गया है। नियम के अनुसार बिना बाट माप विभाग के तकनीकी कर्मचारियों की मौजूदगी में ही तौल कांटे से छेड़छाड़ किया जा सकता है।
ऐसे में मिल ने खुद ही कांटे को दुरुस्त करने की बात कैसे कह दी। मिल की इस बात को डीसीओ ने मान भी लिया। सवाल उठता है कि पिछले तीन महीने से चल रही इस घटतौली पर मिल प्रबंधन ने ध्यान क्यों नहीं दिया। साथ ही घटतौली के शिकार हुए किसानों को उनके नुकसान की भरपाई कैसे होगी?
लगभग एक माह पहले 11 फरवरी को खड्डा गन्ना समिति के सचिव ने घटतौली पकड़कर कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट किया था, लेकिन डीसीओ की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीसीओ का कहना है कि घटतौली की बात उजागर हुई है।
इसके लिए मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। किसानों को उनके नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। पहले हुई घटतौली पर भी कार्रवाई चल रही है। बिना बाट माप विभाग के रहते कांटे से छेड़छाड़ नहीं किया जा सकता। मिल के गन्ना व्यवस्थापक टीएस राणा का कहना है कि तकनीकी खराबी के चलते यह अंतर आ गया था। उसे ठीक कर दिया गया है।