कोरोना वायरस के प्रकाश में आने के बाद 12 से 18 मार्च के बीच नई दिल्ली से दक्षिण भारत की तरफ जाने वाली कई सुपरफास्ट ट्रेनों में तीन हजार से अधिक मरकज जमातियों ने सफर किया था। बाद में इनमें कई जांच में कोरोना संक्रमित निकले। आरपीएफ अब ऐसे यात्रियों की तलाश कर रही है जो संक्रमित व्यक्तियों के कोच में सफर कर रहे थे, ताकि उनकी भी जांच करवाई जा सके। दक्षिण भारत के राज्यों में मुस्लिम परिवारों की बड़ी संख्या है। पिछले माह कोरोना वायरस को लेकर उथलपुथल शुरू होने पर 12 से 18 मार्च के बीच दक्षिण भारत की तरफ जाने वाली कई ट्रेनों में तीन हजार से अधिक मरकज जमातियों ने आरक्षित कोचों में सफर किया था। इनमें तमिलनाडु एक्सप्रेस, कर्नाटका एक्सप्रेस, नई दिल्ली यशवंतपुर संपर्क क्रांति, केरला एक्सप्रेस, जीटी एक्सप्रेस, निजामुद्दीन तिरुपति संपर्क क्रांति, तेलंगाना एक्सप्रेस, एपी एक्सप्रेस, अंडमान एक्सप्रेस, दूरंतो एक्सप्रेस आदि गाड़ियां शामिल हैं। उक्त अवधि में इन गाड़ियों में सफर करने वाले कई जमाती कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। रेलवे ने इन सभी जामतियों के नाम व कोच व बर्थ नंबर का पता कर लिया है। अब उन सभी यात्रियों की सूची बनाई जा रही है जो उनके आसपास बैठे थे। उक्त ट्रेनों से झांसी, ग्वालियर स्टेशन पर भी पांच सौ से अधिक मुसाफिर उतरे थे, जो उक्त जमातियों के साथ यात्रा कर रहे। रेलवे इन यात्रियों को सूचीबद्ध कर संबंधित जिला प्रशासन को रिपोर्ट सौंपने की तैयारी में हैं। इसके बाद इन यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण होगा।