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बुंदेलखंड में पशु आश्रय केंद्रों के जिम्मेदारों की मंशा पर सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Mar 2016 02:04 AM IST
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hindi news in jhansi, Questioned the motives of responsible animal shelter centers in Bundelkhand
- फोटो : demo pice
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झांसी। सूखाग्रस्त बुंदेलखंड के जनपद झांसी में खरीदे गए पशु चारे में से आधा एक हफ्ते में ही पशु खा चुके हैं, जबकि एक आश्रय केंद्र पर तो पूरा चारा खत्म हो चुका है। जिले के आठों ब्लॉक में प्रस्तावित 16 केंद्रों में से अभी तक आधे आश्रय केंद्र ही खोलने और उनमें भी कुछ पर पशु नहीं होने से जिम्मेदार अफसरों की मंशा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड में बेघर हो चुके पशुओं के लिए आश्रय केंद्र खोले जा रहे हैं, इनमें सरकार की ओर से चारा व पानी की व्यवस्था की जा रही है। झांसी के आठ ब्लॉकों में 2-2 पशु राहत केंद्र खोले जाने प्रस्तावित हैं, इनमें से फिलहाल आठ केंद्र ही संचालित हो रहे हैं। शेष खुलने अभी बाकी हैं। यह आठ आश्रय केंद्र गुरसरांय ब्लॉक के ग्राम गुड़ा व विक्रमपुर, बामौर ब्लॉक के ग्राम दखनेश्वर व ककरबई में, मऊरानीपुर ब्लॉक के ग्राम चकारा व चुरारा में एवं गरौठा के ग्राम इमिलिया व रजपुरा में बनाए गए हैं।
मुख्य पशुपालन अधिकारी कार्यालय के अनुसार इन आठों आश्रय केंद्रों पर अभी तक कुल 2696 पशुओं को रखा गया है और इनके लिए कुल 309.15 कुंतल चारा/भूसा खरीद लिया गया है। कुल खरीद के सापेक्ष अभी तक एक सप्ताह में ही अधिकारी इन पशुओं को कुल 134.80 कुंतल चारा/भूसा खिला चुके हैं।
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मालूम हो कि शासन से दस हजार कुंतल चारा/भूसा खरीदने का लक्ष्य मिला था। इसके लिए एक करोड़ रुपये का बजट शासन ने स्वीकृत कर धनराशि जारी कर दी थी। स्थानीय स्तर पर टेंडर आमंत्रित किए गए और पांच रुपये 75 पैसे प्रति किलोग्राम की दर से भूसा खरीदा जा रहा है। मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. सुधीर सिंह के अनुसार आश्रय केंद्रों पर पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण जरूरत के मुताबिक चारा/भूसा खरीदा जाएगा। आश्रय केंद्र दखनेश्वर व ककरबई में पशुओं की संख्या नगण्य है। रजपुरा आश्रय केंद्र पर चारा/भूसा समाप्त हो चुका है। ग्राम गुड़ा में 173, विक्रमपुर में 200, चकारा में 430, चुरारा में 605, इमिलिया में 429 एवं रजपुरा में 859 पशुओं को आश्रय दिया गया है।
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सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड में बेघर हो चुके पशुओं के लिए आश्रय केंद्र खोले जा रहे हैं, इनमें सरकार की ओर से चारा व पानी की व्यवस्था की जा रही है। झांसी के आठ ब्लॉकों में 2-2 पशु राहत केंद्र खोले जाने प्रस्तावित हैं, इनमें से फिलहाल आठ केंद्र ही संचालित हो रहे हैं। शेष खुलने अभी बाकी हैं। यह आठ आश्रय केंद्र गुरसरांय ब्लॉक के ग्राम गुड़ा व विक्रमपुर, बामौर ब्लॉक के ग्राम दखनेश्वर व ककरबई में, मऊरानीपुर ब्लॉक के ग्राम चकारा व चुरारा में एवं गरौठा के ग्राम इमिलिया व रजपुरा में बनाए गए हैं।
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मुख्य पशुपालन अधिकारी कार्यालय के अनुसार इन आठों आश्रय केंद्रों पर अभी तक कुल 2696 पशुओं को रखा गया है और इनके लिए कुल 309.15 कुंतल चारा/भूसा खरीद लिया गया है। कुल खरीद के सापेक्ष अभी तक एक सप्ताह में ही अधिकारी इन पशुओं को कुल 134.80 कुंतल चारा/भूसा खिला चुके हैं।
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मालूम हो कि शासन से दस हजार कुंतल चारा/भूसा खरीदने का लक्ष्य मिला था। इसके लिए एक करोड़ रुपये का बजट शासन ने स्वीकृत कर धनराशि जारी कर दी थी। स्थानीय स्तर पर टेंडर आमंत्रित किए गए और पांच रुपये 75 पैसे प्रति किलोग्राम की दर से भूसा खरीदा जा रहा है। मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. सुधीर सिंह के अनुसार आश्रय केंद्रों पर पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण जरूरत के मुताबिक चारा/भूसा खरीदा जाएगा। आश्रय केंद्र दखनेश्वर व ककरबई में पशुओं की संख्या नगण्य है। रजपुरा आश्रय केंद्र पर चारा/भूसा समाप्त हो चुका है। ग्राम गुड़ा में 173, विक्रमपुर में 200, चकारा में 430, चुरारा में 605, इमिलिया में 429 एवं रजपुरा में 859 पशुओं को आश्रय दिया गया है।