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ट्रेनों में चोरी करने वाले दो पकड़े, एक फरार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Mar 2016 01:18 AM IST
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the theif cheat in train
- फोटो : demo pic
झांसी। आरपीएफ व जीआरपी ने सोमवार की रात रेलवे प्लेटफार्म से चोरी के बैग के साथ दो बदमाशों को पकड़ लिया, जबकि उनका मुख्य साथी फरार हो गया। आरोपियों के पास से अन्य वारदातों में चुराए गए चार मोबाइल भी बरामद किए गए।
सोमवार को जीआरपी निरीक्षक इंद्रमोहन, आरपीएफ उपनिरीक्षक अमित मीणा, जीतराम जाट, दिनेश पांडे आदि मय फोर्स के साथ रेलवे स्टेशन पर चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच प्लेटफार्म एक पर उन्हें तीन युवक संदिग्ध घूमते दिखाई दिए।
इस पर घेराबंदी कर दो को पकड़ लिया गया, जबकि एक भागने में सफल हो गया। तलाशी में युवकों के पास से चोरी का बैग बरामद हुआ, जिसे उन्होंने छह मार्च की सुबह गाड़ी संख्या 12627 डाउन कर्नाटका एक्सप्रेस के एस-4 कोच में सवार दिल्ली के नवजीवन कैंप कालका निवासी सुशील पटेल का चुराया था।
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बैग में रखा मोबाइल, कड़ा, चार्जर, कपड़े आदि तो बरामद हो गए, मगर उसमें रखे दो हजार रुपये वह खर्च कर चुके थे। उनके पास से चार मोबाइल और बरामद भी बरामद किए गए, जो उन्होंने अलग-अलग यात्रियों से चुराए थे।
उन्होंने अपने नाम धौलपुर के बाड़ी थाना क्षेत्रांतर्गत खानपुर निवासी रामजीवन मीणा व सूरज पुत्र हरदयाल मीणा बताए। भागे बदमाश का नाम धौलपुर के बाड़ी थाना क्षेत्रांतर्गत खानपुर निवासी जयकुमार है, जिसकी तलाश जारी है।
आरपीएफ व जीआरपी के हत्थे चढ़े रामजीवन व सूरज अच्छे परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। इनमें बीएससी कर रहे रामजीवन के चाचा आगरा आरपीएफ में तैनात हैं, जबकि इंटरमीडिएट के छात्र सूरज के पिता राजस्थान पुलिस में हैं। गांव के जय कुमार के बहकावे में आने के बाद दोनों ने ट्रेनों में चोरियां करना शुरू कर दिया। चोरी के दौरान जो नकदी मिलती उसे मौज मस्ती व अच्छे कपड़े खरीदने में खर्च कर देते थे। साथ में तीनों खाली पिठ्ठू बैग लेकर चलते थे और मौका पाते ही यात्रियों का कीमती सामन बैग में रख लेते थे।
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सोमवार को जीआरपी निरीक्षक इंद्रमोहन, आरपीएफ उपनिरीक्षक अमित मीणा, जीतराम जाट, दिनेश पांडे आदि मय फोर्स के साथ रेलवे स्टेशन पर चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच प्लेटफार्म एक पर उन्हें तीन युवक संदिग्ध घूमते दिखाई दिए।
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इस पर घेराबंदी कर दो को पकड़ लिया गया, जबकि एक भागने में सफल हो गया। तलाशी में युवकों के पास से चोरी का बैग बरामद हुआ, जिसे उन्होंने छह मार्च की सुबह गाड़ी संख्या 12627 डाउन कर्नाटका एक्सप्रेस के एस-4 कोच में सवार दिल्ली के नवजीवन कैंप कालका निवासी सुशील पटेल का चुराया था।
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बैग में रखा मोबाइल, कड़ा, चार्जर, कपड़े आदि तो बरामद हो गए, मगर उसमें रखे दो हजार रुपये वह खर्च कर चुके थे। उनके पास से चार मोबाइल और बरामद भी बरामद किए गए, जो उन्होंने अलग-अलग यात्रियों से चुराए थे।
उन्होंने अपने नाम धौलपुर के बाड़ी थाना क्षेत्रांतर्गत खानपुर निवासी रामजीवन मीणा व सूरज पुत्र हरदयाल मीणा बताए। भागे बदमाश का नाम धौलपुर के बाड़ी थाना क्षेत्रांतर्गत खानपुर निवासी जयकुमार है, जिसकी तलाश जारी है।
आरपीएफ व जीआरपी के हत्थे चढ़े रामजीवन व सूरज अच्छे परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। इनमें बीएससी कर रहे रामजीवन के चाचा आगरा आरपीएफ में तैनात हैं, जबकि इंटरमीडिएट के छात्र सूरज के पिता राजस्थान पुलिस में हैं। गांव के जय कुमार के बहकावे में आने के बाद दोनों ने ट्रेनों में चोरियां करना शुरू कर दिया। चोरी के दौरान जो नकदी मिलती उसे मौज मस्ती व अच्छे कपड़े खरीदने में खर्च कर देते थे। साथ में तीनों खाली पिठ्ठू बैग लेकर चलते थे और मौका पाते ही यात्रियों का कीमती सामन बैग में रख लेते थे।