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प्रधानपति की हत्या, शव जलाया
ब्यूरो/अमर उजाला, गढ़मुक्तेश्वर
Updated Sat, 05 Mar 2016 01:35 AM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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तीन दिन पहले अपहृत हुए प्रधान पति अमित उर्फ तीतर का शव मेरठ के बहसूमा के जंगल में पड़ा मिला। उसकी हत्या गोली मारकर की गई और पहचान छुपाने के लिए केरोसीन डालकर शव जलाया भी गया।
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ज्ञात हो कि बहादुरगढ़ क्षेत्र के सेहल गांव की प्रधान रूबी का पति अमित उर्फ तीतर बुधवार सुबह अपने पड़ोसी गौरव से बाइक लेकर मेरठ के किठौर कस्बे गया था। वह देर रात तक नहीं लौटा।
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बृहस्पतिवार सुबह कुछ किसानों ने गढ़-स्याना रोड पर वेदांत कॉलेज के पास आम के बाग में लावारिस बाइक, हेलमेट और मोबाइल पड़ा देखा था। बाइक और हेलमेट की पहचान कर प्रधान पति के घरवालों ने कर ली।
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शुक्रवार सुबह सूचना मिली कि जिला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव के जंगल में एक अधजला शव पड़ा हुआ है। प्रधान पति के भाई देवेंद्र और पड़ोसी गौरव ने जाकर शव की पहचान अमित उर्फ तीतर के रूप में कर ली।
पुलिस ने प्राथमिक जांच में पाया प्रधान पति अमित उर्फ तीतर की सिर और छाती में गोली मारकर हत्या की गई है। शायद पहचान छुपाने के लिए शव केरोसीन डालकर जला दिया गया।
पुरानी रंजिश खंगाल रही पुलिस
डीएसपी सतीश चंद्र पांडेय का कहना है कि अमित उर्फ तीतर का क्रिमिनल पुलिस रिकॉर्ड है। उसकी हत्या रंजिश में की जा सकती है। प्रधान पति अमित उर्फ तीतर उधार पर पैसा भी बांटता था।
उसने गाजियाबाद के एक व्यक्ति समेत कुछ लोगों को 18 लाख से भी अधिक की रकम उधार दी हुई थी। इसलिए रुपयों का मामला भी हत्या की वजह हो सकती है।
कॉल डिटेल बनी जांच का आधार
प्रधान पति के मोबाइल को पुलिस जांच का आधार बना रही है। कॉल डिटेल के आधार पर कातिलों से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण कड़ी जोड़ी जा रही है। एसओजी टीम को भी लगा दिया गया है। एसओ बहसूमा ने बताया कि अज्ञात कातिलों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर मामले को गढ़ कोतवाली ट्रांसफर कर दिया गया है।
उजड़ गया घर
अमित की 23 फरवरी 2015 को रूबी से शादी हुई थी। उसकी गांव और आसपास में ईमानदार और दबंग छवि थी। करीब बीस साल पहले अमित के पिता की मौत हो गई थी।
मोर्चरी पर जब बड़े भाई देवेंद्र ने अमित का शव देखा तो वह दहाड़े मारकर रोने लगा। परिजनों ने कहा कि पिता की मौत के बाद जैसा घर बसाया था, वैसे ही उजड़ गया। सोचा भी नहीं था कि यह दिन भी देखना पड़ेगा।