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84 बैंकों में रही हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो, गोंडा
Updated Fri, 11 Mar 2016 11:06 PM IST
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प्रदर्शन करते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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भारत सरकार व प्रायोजक बैंकों की अनदेखी से नाराज सर्व यूपी ग्रामीण बैंक इंपलाइज एसोसिएशन के अधिकारी व कर्मचारी शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के दौरान बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर बैंक कर्मियों ने धरना दिया और भारत सरकार से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की।
उधर, बैंक कर्मियों की हड़ताल से दूसरे दिन भी कारोबार प्रभावित रहा और ग्राहकों को लेनदेन के लिए भटकना पड़ा। हड़ताल के चलते 84 बैंकों में ताले लटकते रहे। हड़ताल से दो दिनों में करीब एक अरब रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
यूनाइटेड बैंक ऑफ रीजनल रूरल बैंक यूनियंस के आह्वान पर सर्व यूपी ग्रामीण बैंक इंपलाइज एसोसिएशन व एसयूपीजीबी आफिसर्स एसोसिएशन के कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे।
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इस दौरान क्षेत्रीय कार्यालय पर जुटे बैंक कर्मियों ने भारत सरकार व प्रयोजक बैंकों पर उनकी समस्याओं को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुए कार्यालय गेट पर धरना दिया। एसयूपीजीबी आफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि सरकार उनकी लंबित मांगों की अनदेखी कर रही है।
उन्होंने मांग की कि ग्रामीण बैंक के कर्मचारियोें को प्रायोजक बैंक कर्मियों के समान पेंशन दी जाए। इसके साथ ही प्रायोजक बैंक कर्मियों के समान भविष्य निधि कटौती, अनुकंपा के आधार पर आश्रितों को नौकरी, मित्रा कमेटी की सिफारिशों को रद करने, ग्रामीण बैंकों के निजीकरण के प्रयास बंद करने, दैनिक वेतनभोगी व अंश कालिक कर्मचारियों को नियमित करने, ग्रामीण बैंक कर्मियों की सेवा शर्तों में सुधार करने व ग्रामीण बैंकों मे आउट सोर्सिंग बंद करने की मांग की।
इस मौके पर हरि मोहन पांडेय, केके पांडेय, फौजदार दूबे, प्रविनेश धर, गुुलाबदत्त तिवारी, आनंद प्रकाश श्रीवास्तव आदि बैंक कर्मी मौजूद रहे। उधर, बैंक कर्मियों की लगातार दूसरे दिन की हड़ताल से 84 बैंकों के ताले नहीं खुले, जिससे लेनदेन प्रभावित रहा। खाताधारकों को बैंक बंद होने से लेनदेन के लिए भटकना पड़ा।
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उधर, बैंक कर्मियों की हड़ताल से दूसरे दिन भी कारोबार प्रभावित रहा और ग्राहकों को लेनदेन के लिए भटकना पड़ा। हड़ताल के चलते 84 बैंकों में ताले लटकते रहे। हड़ताल से दो दिनों में करीब एक अरब रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
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यूनाइटेड बैंक ऑफ रीजनल रूरल बैंक यूनियंस के आह्वान पर सर्व यूपी ग्रामीण बैंक इंपलाइज एसोसिएशन व एसयूपीजीबी आफिसर्स एसोसिएशन के कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे।
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इस दौरान क्षेत्रीय कार्यालय पर जुटे बैंक कर्मियों ने भारत सरकार व प्रयोजक बैंकों पर उनकी समस्याओं को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुए कार्यालय गेट पर धरना दिया। एसयूपीजीबी आफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि सरकार उनकी लंबित मांगों की अनदेखी कर रही है।
उन्होंने मांग की कि ग्रामीण बैंक के कर्मचारियोें को प्रायोजक बैंक कर्मियों के समान पेंशन दी जाए। इसके साथ ही प्रायोजक बैंक कर्मियों के समान भविष्य निधि कटौती, अनुकंपा के आधार पर आश्रितों को नौकरी, मित्रा कमेटी की सिफारिशों को रद करने, ग्रामीण बैंकों के निजीकरण के प्रयास बंद करने, दैनिक वेतनभोगी व अंश कालिक कर्मचारियों को नियमित करने, ग्रामीण बैंक कर्मियों की सेवा शर्तों में सुधार करने व ग्रामीण बैंकों मे आउट सोर्सिंग बंद करने की मांग की।
इस मौके पर हरि मोहन पांडेय, केके पांडेय, फौजदार दूबे, प्रविनेश धर, गुुलाबदत्त तिवारी, आनंद प्रकाश श्रीवास्तव आदि बैंक कर्मी मौजूद रहे। उधर, बैंक कर्मियों की लगातार दूसरे दिन की हड़ताल से 84 बैंकों के ताले नहीं खुले, जिससे लेनदेन प्रभावित रहा। खाताधारकों को बैंक बंद होने से लेनदेन के लिए भटकना पड़ा।