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मोबाइल बेचने से शुरू दुश्मनी में हुई कपड़ा कारोबारी की हत्या
ब्यूरो,अमर उजाला साहिबाबाद
Updated Mon, 14 Mar 2016 12:13 AM IST
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अपराध्ा
- फोटो : अमर उजाला
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एटीएस सोसायटी निवासी कपड़ा कारोबारी अर्शी मलिक की हत्या के बाद पुलिस की आठ टीमों की छापामारी रविवार को जारी रही। पुलिस के अनुसार, कारोबारी और आरोपियों के बीच पिछले कई साल से रंजिश चली आ रही है।
मोबाइल और लैपटॉप बेचने के काम के दौरान यह रंजिश शुरू हुई थी। अर्शी ने काम में तरक्की की तो यूनुस ने उसे धमकाना और रंगदारी मांगना शुरू कर दिया था। उधर, अर्शी की मौत के बाद पुलिस ने उसके परिवार को सुरक्षा के लिए दो सिपाही तैनात किए हैं।
मगर अर्शी के भाई इकबाल का कहना है कि उनका भरोसा पुलिस से उठ गया है। वह मुख्यमंत्री से गुहार लगाएंगे और जांच एसटीएफ से कराए जाने की मांग करेंगे।
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सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि कुछ साल पहले आरोपी यूनुस उर्फ काला और अर्शी साथ में लैपटॉप और मोबाइल बेचने का काम करते थे।
इस दौरान रुपयों के लेनदेन पर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद रंजिश में बदल गया। जिसके बाद दोनों अलग काम करने लगे। अर्शी की काम में तरक्की की जिससे यूनुस को ईर्ष्या होती थी।
पिछले साल जुलाई में आरोपी यूनुस ने अर्शी से 20 लाख की रंगदारी मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके बाद यूनुस, नवाब और एक अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पिछले साल 13 जनवरी को यूनुस ने नवाब और अन्य साथियों के साथ अर्शी पर इंदिरापुरम में हमला कर दिया था। नौ गोली लगने के बाद भी अर्शी बच गया था।
48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली
अर्शी की हत्या के 48 घंटे बाद भी पुलिस हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। पुलिस की टीमें दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के अन्य जिलों की पुलिस के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव का कहना है कि लगातार पुलिस छापामारी कर रही है। जल्द ही काले और उसके साथियों को दबोच लिया जाएगा।
सीसीटीवी में यूनुस दिखा टोपी लगाए
सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया है कि यूनुस हर समय टोपी लगाए हुए रहता था। सोसायटी के एंट्री गेट पर कैमरों से बचने के लिए वह ऐसा करता था। कैमरों के सामने से गुजरते समय वह अक्सर रुमाल से अपना चेहरा पोंछता था, जिससे सीसीटीवी में उसका चेहरा साफ नहीं आ सके। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है।
पुलिस से बचने के लिए मोबाइल नहीं रखता था काले
काले ने हत्या की कितनी फुलप्रूफ साजिश की थी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह मोबाइल का उपयोग ही नहीं करता था। एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि काले की तलाश में जुटी हुई है।
अभी तक काले की कोई लोकेशन नहीं मिली है क्योंकि काले मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करता है। काले और साथियों को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती है।
सांत्वना देने वालों का लगा रहा तांता
अर्शी की मौत के बाद जहां सोसायटी में दहशत का माहौल है। वहीं रविवार को अर्शी के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। इस दौरान पुलिस भी पूरी तरह सोसायटी में मुस्तैद दिखाई दी। चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र राठौर ने अर्शी के परिजनों से घटना के विषय में पूछताछ भी की।
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मोबाइल और लैपटॉप बेचने के काम के दौरान यह रंजिश शुरू हुई थी। अर्शी ने काम में तरक्की की तो यूनुस ने उसे धमकाना और रंगदारी मांगना शुरू कर दिया था। उधर, अर्शी की मौत के बाद पुलिस ने उसके परिवार को सुरक्षा के लिए दो सिपाही तैनात किए हैं।
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मगर अर्शी के भाई इकबाल का कहना है कि उनका भरोसा पुलिस से उठ गया है। वह मुख्यमंत्री से गुहार लगाएंगे और जांच एसटीएफ से कराए जाने की मांग करेंगे।
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सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि कुछ साल पहले आरोपी यूनुस उर्फ काला और अर्शी साथ में लैपटॉप और मोबाइल बेचने का काम करते थे।
इस दौरान रुपयों के लेनदेन पर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद रंजिश में बदल गया। जिसके बाद दोनों अलग काम करने लगे। अर्शी की काम में तरक्की की जिससे यूनुस को ईर्ष्या होती थी।
पिछले साल जुलाई में आरोपी यूनुस ने अर्शी से 20 लाख की रंगदारी मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके बाद यूनुस, नवाब और एक अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पिछले साल 13 जनवरी को यूनुस ने नवाब और अन्य साथियों के साथ अर्शी पर इंदिरापुरम में हमला कर दिया था। नौ गोली लगने के बाद भी अर्शी बच गया था।
48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली
अर्शी की हत्या के 48 घंटे बाद भी पुलिस हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। पुलिस की टीमें दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के अन्य जिलों की पुलिस के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव का कहना है कि लगातार पुलिस छापामारी कर रही है। जल्द ही काले और उसके साथियों को दबोच लिया जाएगा।
सीसीटीवी में यूनुस दिखा टोपी लगाए
सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया है कि यूनुस हर समय टोपी लगाए हुए रहता था। सोसायटी के एंट्री गेट पर कैमरों से बचने के लिए वह ऐसा करता था। कैमरों के सामने से गुजरते समय वह अक्सर रुमाल से अपना चेहरा पोंछता था, जिससे सीसीटीवी में उसका चेहरा साफ नहीं आ सके। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है।
पुलिस से बचने के लिए मोबाइल नहीं रखता था काले
काले ने हत्या की कितनी फुलप्रूफ साजिश की थी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह मोबाइल का उपयोग ही नहीं करता था। एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि काले की तलाश में जुटी हुई है।
अभी तक काले की कोई लोकेशन नहीं मिली है क्योंकि काले मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करता है। काले और साथियों को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती है।
सांत्वना देने वालों का लगा रहा तांता
अर्शी की मौत के बाद जहां सोसायटी में दहशत का माहौल है। वहीं रविवार को अर्शी के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। इस दौरान पुलिस भी पूरी तरह सोसायटी में मुस्तैद दिखाई दी। चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र राठौर ने अर्शी के परिजनों से घटना के विषय में पूछताछ भी की।