फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   HIV-built highway robber gang

एचआईवी पॉजिटिव ने बनाया हाईवे लुटेरा गैंग

Sun, 13 Mar 2016 11:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sun, 13 Mar 2016 11:05 PM IST
विज्ञापन
HIV-built highway robber gang
पु‌‌लिस - फोटो : अमर उजाला

पुलिस ने ऐसे हाईवे लुटेरे गैंग के तीन बदमाशों को पकड़ा है, जो बड़े और नए वाहन लूटते थे। लूटे गए वाहनों के चेसिस नंबर बदलकर उनका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर उन्हें एक नंबर में बेचते थे। गैंग लीडर एचआईवी पॉजिटिव है, जिसे उसके दो अन्य साथियों के साथ पुलिस ने दबोचा है। इनमें एक एलएलबी किया हुआ है, जो नौकरी न मिलने पर लुटेरा बना। इनसे तीन ट्रक, एक कंटेनर और तीन लग्जरी कारें बरामद की हैं, जो राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद और बागपत से लूटे थे।

विज्ञापन


इनका रजिस्ट्रेशन बागपत और हरियाणा में कराया जाता था। खास बात यह भी है कि लुटेरे शोरूम से निकलने वाली गाड़ियों पर नजर रखते थे और मौका मिलते ही हाईवे पर उसे लूट लेते थे।
विज्ञापन

पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजेश पांडेय ने दावा किया कि पकड़े गए लुटेरों में एक एचआईवी पॉजिटिव निवासी बागपत है, दूसरा शेखर निवासी मुरादनगर है, जो एलएलबी कर चुका है। तीसरा शेखर का चाचा बृजेश है, जो प्रॉपर्टी डीलर है, इसका हाथ टूटा हुआ है। इन्हें मसूरी में नहर पुल के पास से एक सूचना पर चेकिंग के दौरान दबोचा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


शेखर के खिलाफ कई राज्यों में वाहन चोरी और लूट के केस दर्ज हैं। बृजेश के नाम पर 15 लग्जरी गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं। शेखर ने पुलिस को बताया कि उसने एलएलबी किया हुआ है। नौकरी न मिलने और जल्दी पैसे कमाने की चाह में वह लुटेरा बन गया। बृजेश ने बताया कि वह प्रॉपर्टी डीलिंग करता है। बाजार में काम न होने पर वह इस गैंग में शामिल हुआ।

ऐसे करते थे वारदात
एसपी रूरल ने बताया कि नेशनल हाईवे पर लूटे गए वाहनों से ओवरटेक कर वाहनों को लूटते थे। सबसे पहले गाड़ियों के चेसिस नंबर बदलकर उन्हें बागपत और हरियाणा के आरटीओ कार्यालय में उनका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर एक नंबर में उन्हें लाखों रुपये में बेचते थे।

लुटेरों ने बताया कि वह गाड़ियों के चेसिस नंबर के साथ ज्यादा हेराफेरी नहीं करते थे। वह केवल गाड़ी के चेसिस नंबरों में से 1,3,5, और 7 में से केवल एक नंबर के साथ ही हेराफेरी करते थे जैसे 1 को 7 बनाना, 3 को 8 बनाना, 5 को 8 बनाना और 7 को 9 बनाने से ही पूरे चेसिस नंबर बदल जाता था।


शोरूम पर भी खड़ा रहता था गिरोह का एक सदस्य
आरोपियों ने बताया कि वह लोग अक्सर नई गाड़ियों को ही अपना शिकार बनाते थे। उनके गिरोह का एक सदस्य शोरूम के बाहर से बताता था कि यह नई गाड़ी अभी निकली है।


10 सदस्य हैं गैंग में
पुलिस ने बताया कि गैंग में 10 से ज्यादा सदस्य हैं, जिनमें अधिकांश शारीरिक रूप से कमजोर हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed